सैदपुर (ललितपुर)। गिनीज बुक में दर्ज पांच करोड़ पौधरोपण पर जांच बैठा दी गई है। वन निगम के महाप्रबंधक को झांसी व ललितपुर जिले में पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बृहस्पतिवार को उन्होंने मड़ावरा वन क्षेत्र में पौधरोपण की हकीकत जानी।
शासन ने क्षेत्र को हरा भरा बनाने के लिए वृहद पौधरोपण अभियान चलाया। जिसमें सबसे ज्यादा फोकस ललितपुर जिले में रहा। जिले में आफ सीजन के दौरान गौना वन क्षेत्र में करीब बारह लाख रुपये पौधे रोपित कर उसे गिनीज बुक में स्थान दिलाया। इससे उत्साहित होकर शासन ने मानसूनी सीजन को चुना। जिसमें एक दिन में पांच करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया। जिसके सापेक्ष ललितपुर जिले में करीब सत्रह लाख पौधे लगाए गए।
वर्तमान में यह पौधरोपण सवालों के घेरे में है। जिस पर शासन ने जांच बैठा दी है। झांसी व ललितपुर जिले में पड़ताल की जिम्मेदारी वन निगम महाप्रबंधक लखनऊ एसके रस्तोगी को सौपी गई। बृहस्पतिवार को उन्होंने मड़ावरा वन रेंज में पौधरोपण की पड़ताल की। यहां मड़ावरा वन ब्लाक के दस हेक्टेयर क्षेत्र में छह हजार दो सौ पचास, इसी ब्लाक के दूसरे स्थल पर दस हेक्टेयर क्षेत्र में आठ हजार सात सौ पचास, हसरी ब्लाक के दस हेक्टेयर क्षेत्र में आठ हजार सात सौ पचास एवं दूसरे स्थल पर दस हेक्टेयर क्षेत्र में भी इतने ही पौधे रोपित किए गए। इस तरह समूची मड़ावरा रेंज में कुल दो लाख अठासी हजार चार सौ अड़तीस पौधों का रोपण किया गया।
महाप्रबंधक ने प्रत्येक ब्लाक का निरीक्षण किया। इस मौके पर डीएफओ वीके जैन, रेंजर आरएस यादव, वन दारोगा संदीप, ऊदल व वीट प्रभारी ओमप्रकाश उनके साथ रहे। गौरतलब है कि गौना वन रेंज में आफ सीजन में लगाए पौधों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसके अलावा सत्रह लाख पौधों को रोपित करने के दौरान कई अतिक्रमण वाले स्थल चुने गए थे, जिन्हें आज तक खाली नहीं कराया जा सका। ऐसे में पौधरोपण पर सवाल उठने लाजिमी हैं।