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आरोग्य मेले की असलियत: कहीं बंद रहे अस्पताल तो कहीं नहीं आए डॉक्टर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। छुट्टी के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुरू किए गए मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में कहीं डाक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं स्टाफ नदारद रहा। रविवार को 23 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले में छह केंद्रों की अमर उजाला टीम ने हकीकत जानी तो यह सच्चाई सामने आई। अस्पतालों में ताले लटकने के साथ चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान रहे। इससे स्पष्ट है कि दस्तावेजों तक ही मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला सीमित है। धरातल पर सुविधाएं नजर नहीं आ रहीं। पेश है इन अस्पतालों की हकीकत पेश करती रिपोर्ट।
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दृश्य एक
ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम गौना स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर एक बजे ताला लटका मिला। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल सुबह से ही नहीं खुला है। यहां तैनात कर्मी ने आचार संहिता होने के चलते अस्पताल बंद होने का हवाला दिया। अस्पताल पहुंचे एक मरीज ने बताया कि ताला बंद होने से इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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दृश्य दो
ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम गिरार में स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 12 बजे भी कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। ऐलोपैथ, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक तीनों चिकित्सक नदारद मिले। महज एक फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार करते नजर आए। यहां आने वाले मरीजों को जांच की सुविधा भी नहीं मिल सकी।
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दृश्य तीन
ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम धौर्रा स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बजे एक भी चिकित्सक नहीं मिला। सभी गायब थे। अस्पताल में केवल एक फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते नजर आया। यहां चिकित्सक ही नहीं जांच की सुविधा भी नहीं मिल पाई। ऐसे में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला की हकीकत जानी जा सकती है।
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दृश्य चार
ब्लॉक महरौनी अंतर्गत ग्राम सौजना स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर डेढ़ बजे होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. छवि व आयुर्वेदिक डॉ उमेश कुमार ही नजर आए। यहां एलोपैथिक चिकित्सक नदारद रहे। इसके अलावा अस्पताल में फार्मासिस्ट सुरेश दीक्षित दवा वितरण कर रहे थे, लेकिन लैब टेक्नीशियन न होने से मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल सकी।
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दृश्य पांच
ब्लॉक बार अंतर्गत पारौन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर चिकित्सक मौजूद मिले। ऐलोपैथी, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सक मेला में मरीजों का उपचार करते नजर आए। यही स्थिति गदयाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की रही। सभी चिकित्सक मौजूद मिले, लेकिन मरीजों के लिए अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं।

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यह है मुख्यमंत्री आरोग्य मेला
नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की शुरुआत की गई थी। इसमें एलोपैथिक, आयुर्वेदिक के साथ होम्योपैथिक तीनों विधाओं से इलाज दिए जाने की सुविधा है। अस्पताल में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के साथ जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
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कैप्सन- घनश्याम, गौना
तबीयत खराब होने से कमजोरी आ गई है। अस्पताल आए तो यहां बताया गया कि अवकाश है। अब बिना इलाज कराए वापस हो रहे हैं।- घनश्याम, गौना
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कैप्सन- साजिद खान, धौर्रा
धौर्रा स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में आए थे, लेकिन एक भी चिकित्सक अस्पताल में नहीं मिला। - साजिद खान, धौर्रा
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कैप्सन- सचिन यादव, भारौन
धौर्रा अस्पताल में इलाज कराने आए थे, लेकिन यहां पता चला कि चिकित्सक नहीं हैं। ऐसे में बिना इलाज के वापस होना पड़ा।- सचिन यादव, भारौन
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में चिकित्सकों का न पहुंचना बड़ी लापरवाही है। आचार संहिता लगने से कुछ चिकित्सक भ्रमित रहे। सभी चिकित्सकों को निर्धारित दिन पर आयोजित होने वाले मेलाें में भेजा जाएगा।-डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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