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हाईवे पर कच्ची शराब चुनौती

Mon, 19 Dec 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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daru, lalitpur news - फोटो : demo
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सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर संचालित होने वाले शराब के सरकारी ठेकों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के आदेश दिए हैं। स्थानीय आबकारी विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सरकारी ठेकों को तो प्रतिबंधित कर देगा, लेकिन शासन की मंशा के अनुरूप नेशनल हाईवे पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना आबकारी विभाग ही नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।
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जनपद में कच्ची शराब का गोरखधंधा वर्षों से चल रहा है, जिस पर आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन अब तक अंकुश नहीं लगा पाया है। यदि जनपद से गुजरने वाले झांसी-सागर नेशनल हाइवे पर बिकने वाली कच्ची शराब की बात करें तो शहर की सीमा पर गोविंद सागर बांध के तिराहे पर, कैलगुुवां तिराहे पर, नवीन गल्ला मंडी के पीछे और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम रोड़ा, महर्रा, बांसी तिराहा, तेरई फाटक, गौना तिराहा, बिरधा तिराहा समेत अन्य स्थलों पर कच्ची शराब काफी लंबे समय से खुलेआम बेची जाती है, जिस पर अभी तक अंकुश नहीं लग पाया है। 

जनपद में नेशनल हाईवे के किनारे केवल शराब बिकती ही नहीं है, बल्कि हाइवे के किनारे बसे कई अड्डों पर कच्ची शराब की भट्ठियां भी चढ़ती हैं। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर झांसी एनएच पर स्थित ग्राम चीरा कच्ची शराब बनाने का बहुत बड़ा व कुख्यात अड्डा है। यहां कबूतरा समुदाय के लोग रहते हैं, जो पिछले कई वर्षों से काफी बड़े स्तर पर कच्ची शराब बनाने का काम करते है। पुलिस बल द्वारा यहां पर अनेकों बार छापेमारी कर भट्ठियां नष्ट की गई और मौके पर पकड़े गए लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं, लेकिन अब तक इस गोरखधंधे पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। इसी तरह जनपद में दर्जनों गांव है जहां पर कच्ची शराब बनाने का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर लंबे समय से चल रहा है। 
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ऐसे में जनपदीय सीमा के भीतर नेशनल हाईवे पर शराब की बिक्री पर रोक लगाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। 

गौना तिराहे के पास बिक रही कच्ची शराब 
 थाना नाराहट के ग्राम गौना तिराहे के पास नेशनल हाईवे पर अवैध कच्ची शराब का गोरखधंधा खूब फलफूल रहा है। कुछ माह पहले कबूतरा  समुदाय के लोगों ने अपने डेरा जमा लिए हैं। उन्होंने अवैध कच्ची शराब  का अवैध कारोबार शुरु कर दिया है।  ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पहले तक इस क्षेत्र का माहौल शांतिपूर्ण था, लेकिन अब किसानों को रात्रि के समय अनाज  बेचकर आने में लूट व मारपीट जैसी घटनाओं का डर सताने लगा है। कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों की मांग पर पुलिस अधीक्षक ने नाराहट थानाध्यक्ष को निर्देशित कर कच्ची शराब के बनाने के ठिकानों को नष्ट करने व बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 
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