ललितपुर। दशहरा मैदान में पहली बार 50 फुट के रावण के पुतले का दहन किया
जाएगा। इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। विशालकाय लंकेश की वेशभूषा पर 130
मीटर कपड़ा लगाया गया है तथा छह क्विंटल लोहे का प्रयोग किया जा रहा है।
इसे तैयार करने में हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के लोग जुटे हुए हैं।
नगर
में पहली बार 50 फुट का दशानन नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
श्रीरामलीला हनुमान जयंती समिति ने काफी पहले इसे बनवाने की तैयारियां शुरू
कर दी थीं। पुतले में करीब छह क्विंटल लोहा लगाया गया है। इसमें घास भरने
से इसका वजन दस क्विंटल के आसपास हो जाएगा। इसको ट्रैक्टर के माध्यम से
गोविंद नगर स्थित रामलीला ग्राउंड पर लाया जाएगा और क्रेन की सहायता से
खड़ा किया जाएगा। श्री नृसिंह रामलीला समिति के पात्रों के बीच रामलीला
ग्राउंड में भगवान राम व रावण के बीच युद्ध होगा और अंत में लंकेश के पुतले
में आग लगाई जाएगी। इस बार भी रावण के पुतले को तैयार करने में हिंदू और
मुस्लिम धर्म के लोग काम करने में जुटे हैं। श्री क्षेत्रपाल मंदिर के पीछे
रहने वाले 80 साल के टेलर मास्टर बालकिशन ने 130 मीटर कपड़े से लंकेश की
वेशभूषा बनाने का काम किया है। पुतले को बनाने व अन्य सामान पर करीब डेढ़
लाख रुपये खर्च किया गया है।
वहीं, वर्षों से पुतला बनाने का काम कर
रहे नारायणपुरा निवासी महेश बरार ने भी अपने चार परिजनों के साथ 31 फुट
ऊंचा रावण का पुतला बनाया है, जो चंडी माता मंदिर परिसर में जलाया जाएगा।
इसको बनाने में चालीस हजार रुपये से अधिक धनराशि खर्च की गई।
45 मिनट होगी आतिशबाजी
समिति
के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी व मंत्री रत्नेश तिवारी की मानें तो रावण के
पुतला दहन में उसके आकर्षण का केंद्र आतिशबाजी होगी। पुतले में आग लगते ही
करीब 45 मिनट तक आतिशबाजी होती रहेगी। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां तेजी से
की जा रही हैं। समिति की ओर से भारतीय परंपराओं को संरक्षित करने का काम
किया जा रहा है।
गाय मुस्लिमों की मौसी
खिदमत ए
खल्क नौजवान कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल कादरी का कहना है गाय यदि हिंदुओं की
माता है तो मुस्लिमों की मौसी से कम नहीं। दादरी की घटना नादान बच्चों को
बहकाने से हुई है। देश में सभी लोग मिल जुलकर रहते आए हैं। लेकिन कुछ लोग
आपस में लड़ाना चाहते हैं। इस साजिश को समझना होगा। जल्द ही गौ रक्षा सेवा
समिति का गठन करेंगे और गाय को बचाने के लिए संकल्प भी लेंगे।