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गरीबों के हक पर अमीरों का कब्जा

Tue, 17 May 2016 01:16 AM IST
lalitpur
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गेहूं - फोटो : demo pic
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महरौनी(ललितपुर)। सरकार गरीबों को राहत देने के उद्देश्य से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन इनके क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। जिम्मेदारों की मनमानी के कारण योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं पहुंच पा रहा है। स्थिति यह है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय पात्र गरीबों के हक पर अमीरों का कब्जा हो गया है।
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नगर पंचायत महरौनी में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनी लाभार्थियों की सूची गरीबों को मुंह चिढ़ा रही है। नगर पंचायत में चार कोटेदार हैं। इन सभी कोटेदारों से संबंधित लाभार्थियों की ऑनलाइन सूची के अनुसार क्रय-विक्रय सहकारी समिति दुकान में 32 अंत्योदय कार्ड धारक और 545 बीपीएल कार्डधारक हैं।

कोटेदार बृजेश कुमार के यहां बीस अंत्योदय और 521 बीपीएल कार्डधारक हैं। कोटेदार लखन लाल के यहां 28 अंत्योदय और 570 बीपीएल कार्डधारक हैं। कोटेदार कैलाश चंद जैन के यहां 53 अंत्योदय और 619 बीपीएल कार्डधारक हैं। इनमें करीब आधे अपात्र लोगों के नाम शामिल हैं, जो साधन संपन्न हैं। दूसरी ओर बमुश्किल दो जून की रोटी के इंतजाम के लिए जद्दोजहद करने वाले अनेक गरीब पात्र लोगों के नाम सूची से गायब हैं। इनमें से कुछ लोग पहले इस योजना का लाभ पा रहे थे, लेकिन अब वह गरीब भी सूची से बाहर हो गए हैं और परेशान भटक रहे हैं। नगर के अनेक सरकारी नौकरी पेशा लोग, व्यवसायी, ठेकेदार, अच्छी खासी जमीन जायजाद वाले, आलीशान भवनों व चौपहिया वाहनों के मालिकों की पत्नियों के नाम बीपीएल राशनकार्ड बन गए हैं। इनमें से अधिकांश परिवार तो ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय इतनी अधिक है कि वह अपने परिवार के साथ कई अन्य परिवारों का भरण-पोषण भी आसानी से करने की हैसियत रखते हैं। ऐसे अपात्रों की सूची में मौजूदगी फर्जीवाड़ा का प्रमाण दे रही है। पूर्ति विभाग के नुमाइंदों और कोटेदारों की मिलीभगत से सरकार की महात्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है।
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सूची का सत्यापन किया जाए
महरौनी(ललितपुर)। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नगर के लाभार्थियों की सूची के फर्जीवाड़ा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। नगरवासियों ने इसकी जांच कराने की मांग की है। समाजवादी व्यापार सभा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में महरौनी की खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची के भौतिक सत्यापन कराने और पारदर्शिता के साथ वास्तविक जरूरतमंदों के नाम शामिल किए जाने की मांग की है, ताकि गरीबों के लिए संचालित योजना का औचित्य सार्थक सिद्ध हो।

राशन ब्लैक करने का मिलता है मौका
महरौनी(ललितपुर)। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बीपीएल कार्डधारकों को सस्ती न्यूनतम दरों पर मिलने वाले राशन की बड़ी मात्रा कोटेदारों द्वारा ब्लैक कर दी जाती है। सूत्रों की मानें तो कुछ समय पहले लाभार्थियों की जो सूची आनलाइन फीड कराई गयी थी, उसमें कोटेदारों ने जानबूझकर पूर्ति विभाग की मिली भगत कर साधन संपन्न लोगों और चहेतों के नाम शामिल कर दिए हैं। इनमें से अधिकांश लोग  राशन लेने ही नहीं जाते, जिससे उनके हिस्से का राशन ब्लैक करने का मौका मिल जाता है। जानकारों का कहना है कि यह बड़ा खेल है। पूर्व में जिन गरीब पात्र व्यक्तियों के नाम सूची में थे, वह अब सूची से गायब हैं क्योंकि यह लोग प्रतिमाह कोटेदारों के पास राशन लेने को खड़े हो जाते थे। अब कोटेदार राशन उठान तो पर्याप्त मात्रा में कर रहे हैं, लेकिन वितरण के दौरान अनेक बीपीएल कार्डधारक राशन लेने नहीं जा रहे हैं। इससे कोटेदारों की मौज हो गई है।


नहीं मिलता राशन उठान व वितरण का ब्योरा
महरौनी(ललितपुर)। नगर में कोटेदारों द्वारा प्रतिमाह कितना राशन का उठान होता है और कितना वितरण होता है, इसका कोई विधिवत ब्योरा पूर्ति विभाग द्वारा नहीं दिया जाता है। नगर पंचायत द्वारा इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी को अनेक बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं और मांग की जा चुकी है कि राशन उठान वितरण की स्पष्ट जानकारी नियमित रूप से नगर पंचायत को उपलब्ध कराई जाए, ताकि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आए। लेकिन, इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

नगर पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची में कुछ अपात्रों के नाम राशन कार्ड जारी होने का मामला संज्ञान में आया है। इस सूची के पुनरीक्षण की अति आवश्यकता है और प्रशासन को इसमें शामिल अपात्र व्यक्तियों के नाम अविलंब हटाने चाहिए, ताकि इनकी जगह वास्तविक गरीबों के नाम शामिल हो सकें। नगर पंचायत द्वारा नगर में अंत्योदय और खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य बढाने की मांग लगातार की जा रही है। मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री से भी मांग की जा चुकी है। लक्ष्य बढने से छूटे अनेक गरीब परिवारों को भी लाभ मिल सकेगा।
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- कृष्णा सिंह
अध्यक्ष, नगर पंचायत महरौनी
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