ललितपुर। राशन वितरण में लगातार मिल रहीं शिकायत पर गंभीर डीएम ने कहा कि सूखे से जूझ रही जनता के राशन पर डाका डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब अपर जिलाधिकारी व एसडीएम अपनी देखरेख में राशन वितरित कराएंगे। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम डा. रूपेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वितरित होने वाले राशन में लगातार गड़बड़ियों की शिकायत मिल रही हैं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों की देखरेख में राशन वितरण कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जनपद में उचित दर दुकानों से माह जनवरी से मार्च तक प्रतिमाह जनपद में 27,281 अन्त्योदय परिवारों को कुल 4358.99 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण कराया गया है।
अप्रैल से संशोधित लिस्ट के आधार पर 4530.55 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय कार्डों पर 15 किलो गेहूं एवं 20 किलो चावल दिया जा रहा है। दो रुपए किलो गेहूं व तीन रुपये प्रति किलो की दर से चावल वितरित किया जा रहा है। जून माह में अन्त्योदय परिवारों को 35 किग्रा खाद्यान्न व पात्र गृहस्थी परिवार को प्रति यूनिट पांच किग्रा खाद्यान्न सरकार की ओर से मुफ्त दिया जा रहा है। राशन वितरण की फोटोग्राफी कराई जा रही है व समय-समय पर औचक निरीक्षण कर गड़बड़ी को पकड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक जनपद में दो उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सात दुकानें निलंबित की गईं व 40,400 रुपये जब्त किए गए हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी उपस्थित रहे।
गिनाए जनपद के विकास कार्य
प्रदेश सरकार के चार साल पूर्ण होने पर डीएम डा. रुपेश कुमार ने जनपद में हुए विकास कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जनपद में वित्तीय वर्ष 2015-16 में किसानों को अनुदान के लिए 180 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसके सापेक्ष आठ करोड़ रुपये मिलने पर जनपद में 6,685 किसानों को 4.54 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में शासन से 103 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 97.71 करोड़ रुपये 635 गांवों के 1,88,590 किसानों को राहत राशि के तौर पर वितरित किए जा चुके हैं। जनपद में बजाज पावर प्लांट की तीनों इकाइयां शुरू हो गईं, तीन सोलर प्लांट से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के लिए परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें भावनी व बंडई बांध का काम प्रगति पर है, रोहिणी, जामनी व सजनाम नहर प्रणालियों की पुनर्स्थापना का कार्य किया जा रहा है। ललितपुर से महरौनी की ओर बन रही सड़क को मड़ावरा तक बढ़ाया गया है। जनपद में 102 एंबुलेंस सेवा के 16 व 108 एंबुलेंस सेवा के 13 वाहन संचालित हैं। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 1,04,962 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। जनपद में 17 ग्रामों में पाइप पेयजल योजनाएं संचालित है। वर्तमान में तीन परियोजनाएं मथुराडांग, पूराकलां व आलापुर का काम चल रहा है। अभी तक 308 हैंडपंपों को रीबोर किया जा चुका है। इस दौरान उन्होंने शासन की अन्य योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यदि योजना के क्रियान्वयन में आम जन को कोई शिकायत मिलती है, तो उन्हें अवगत कराए, जिससे दोषी अधिकारियों व कर्मि यों पर कार्रवाई की जा सके।