ललितपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाए गए राशन कार्डों में गड़बड़ियों की शिकायत मिलने पर नगर पालिका में बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर बताया गया कि छूटे हुए लोगों के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे।
सोमवार को पालिका के सभागार में पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल की अध्यक्षता में अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार व जिला पूर्ति अधिकारी डीएस राम के साथ बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में वार्ड नंबर तीन के पार्षद शरीफ कुरैशी, वार्ड नंबर सात के पार्षद प्रतिनिधि श्रीराम रजक, वार्ड नंवर आठ के पार्षद अशोक कुमार पंथ, वार्ड नंबर 18 के पार्षद महेंद्र कुमार सिंघई, वार्ड नंबर 19 के पार्षद प्रतिनिधि अशोक उर्फ गुड्डू तिवारी ने अपने-अपने वार्ड में राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं जिला पूर्ति अधिकारी को बताईं। बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्रों की सूची में वार्डों के अनेक गरीब और मजदूर लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।
इस पर जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पूर्व में बनाए गए अन्त्योदय, बीपीएल, और एपीएल कार्ड (पीला कार्ड) निरस्त नहीं किए गए हैं, बल्कि जो एपीएल कार्ड धारक गरीबी रेखा में आ रहे हैं, उन्हें जांच के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत गरीबी रेखा का लाभ देते हुए दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपए किलो चावल प्रति माह दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ वार्डों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत बने राशन कार्ड वितरित कर दिए गए हैं तो कुछ वार्डों में कार्ड वितरण किया जाना शेष है। यदि किसी अपात्र का नाम इसमें शामिल कर लिया गया है, तो वह उसकी शिकायत कार्यालय में बने काउंटर पर कर सकते हैं। साथ ही छूटे हुए व्यक्ति नए राशन कार्ड बनवाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
न्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अंत्योदय श्रेणी के लाभाथियों को पूर्व की भांति 35 किग्रा खाद्यान प्रति माह प्रति कार्ड दिया जा रहा है। इसमें 15 किलो गेहूं व 20 किलो चावल शामिल है। वर्तमान में प्रचलित बीपीएल व एपीएल के स्थान पर नई पात्र गृहिणी लाभार्थियों को पांच किग्रा खाद्यान प्रति व्यक्ति प्रति यूनिट प्रति माह दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2013 की पात्रता में वरीयता संबंधी मानकों के बारे में बताया गया है कि कुष्ठ रोग, कैंसर, एड्स से पीडित व्यक्ति, अनाथ आदि को पात्रता में वरीयता दी गई है।
बैठक में मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक रामकुमार लवानियां, रमाकांत ुतिवारी, रामसेवक वाल्मीकि, दीनदयाल सोनी आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।