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कोटा निरस्त, एफआईआर के निर्देश

Tue, 12 Jan 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। ब्लाक जखौरा के डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम जामुनधाना खुर्द के कोटेदार की शिकायत करने पर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान तमाम गड़बड़ियों की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने राशन का कोटा निरस्त कर दिया और कोटेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
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ग्राम जामुनधाना खुर्द के ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कोटेदार नए राशन कार्ड वितरण के लिए पैसे मांग रहा है। वह सरकारी राशन वितरित नहीं कर खराब राशन का वितरण कर रहा है। उसके पास बांट नहीं है, बल्कि वह पत्थर से राशन तौलता है। वह मिट्टी का तेल वितरित नहीं करता है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल नहीं दे रहा है, बल्कि मनमाना पैसा वसूल रहा है। इस पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता ग्रामीणों के बयान दर्ज कराए। बयानों में भी ग्रामीणों ने कोटेदार की मनमानी के आरोप लगाए।
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इसमें कहा गया कि कोटेदार ने स्वयं के कंप्यूटर से सभी ग्रामीणों के नए राशन कार्ड बनाने के लिए सौ-सौ रुपये लिए थे, लेकिन बहुत से ग्रामीणों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए। बल्कि जिनके ट्रैक्टर है और पक्के मकान हैं, उनके राशन कार्ड बना दिए गए। ग्रामीणों ने कहा कि मिट्टी का तेल नहीं बांटा जाता है, यदि कोटेदार के जनरेटर, ट्रैक्टर आदि के नोजल की जांच करा ली जाए तो मामला सामने आ जाएगा। उन्होंने बताया कि कोटेदार की दुकान घर के अंदर है। वहां पर न तो सूची चस्पा है और न ही रेट लिस्ट लगी है।

बयानों में ज्यादातर गरीब व सहरिया जाति के लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए। ग्रामीण अपने साथ कोटेदार द्वारा बांटा गया घटिया गेहूं भी लेकर आए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कोटा निरस्त करने और कोटेदार रघुवीर सिंह निरंजन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

इस मौके पर रामकली, मुन्नी, गीता, पूरन सिंह, दशरथ, कृष्ण गोपाल, छीता, हरीबाई, रामबाई, ग्यासी, रघुवीर, देशराज आदि उपथित रहे। गौरतलब है कि पिछले दिनों अपना दल की बैठक में ग्राम जामुनधाना खुर्द और मजरा सुरऊवा में लगाई गई चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गई थीं।

उस दौरान ग्रामीणों ने बताया था कि कोटेदार द्वारा पीले राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण नहीं किया जा रहा है और मिट्टी का तेल भी हर माह वितरित नहीं किया जा रहा है।
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