ललितपुर। निर्मोही अखाड़ा, धीर समीर वृंदावन धाम के महंत मदन मोहन दास महाराज ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कानून बनाया जाए। असहिष्णुता के मुद्दे पर उनका कहना था कि साहित्यकारों द्वारा राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं।
नई बस्ती में प्रेस वार्ता के दौरान महंत ने कहा कि अयोध्या में पत्थर पहुंचने से यह प्रमाणित नहीं होता कि मंदिर बन रहा है। पत्थर पहुंच जरूर रहे हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि मंदिर निर्माण कब होगा। फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार कानून बनाए।
न्होंने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण के लिए निर्मोही अखाड़े को जिम्मेदारी सौँपी गई थी और जो भी सेवा करेगा वही राम मंदिर का निर्माण करेगा। उनका कहना था कि अयोध्या में कभी बाबरी मस्जिद थी ही नहीं, वहां सिर्फ राम मंदिर था। अयोध्या में शंकरजी, दुर्गाजी व अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति मिलना इसका प्रमाण है।
मुसलमान भाई श्री राम मंदिर निर्माण में कांटा नहीं हैं, कांटा तो नेता हैं, जो राम मंदिर निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने सपा मुखिया पर भी विवाद को भड़काने का आरोप लगाया। कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने अयोध्या में आने वाले पत्थर को दानदाताओं द्वारा दिया जाने वाला पत्थर बताया। असहिष्णुता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि साहित्यकारों द्वारा असहिष्णुता की बात कहकर राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। वह ललितपुर में श्रीमद्भागवत कथा सुनाने आए हैं।