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सपा में नहीं चल रहा सब कुछ ठीक

Sun, 27 Dec 2015 01:18 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। समाजवादी पार्टी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अंदर खाने घमासान मच गया है। असंतुष्ट नेता अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारने का मन बना रहे हैं। ऐसे में अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
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समाजवादी पार्टी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारे। इससे असंतुष्ट शांत रहे और चुनाव में पार्टी की एकजुटता दिखाई दी। इसी का नतीजा रहा कि पार्टी ने पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया।

अब जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की बारी है। इसमें पार्टी ने अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ललितपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी सरिता यादव को उम्मीदवार बनाया है।
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सूत्रों के अनुसार पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को सरिता यादव की उम्मीदवारी रास नहीं आ रही है और उन्होंने खेल बिगाड़ने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सूत्रों पर भरोसा करें तो जिले के अंदर चल रही उठापटक की जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंच चुकी है।

कई नेता उम्मीदवार बदलने के लिए जोर लगा रहे हैं तो कई विरोधी गुट का उम्मीदवार तलाशने में लगे हैं। हालांकि, जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन पार्टी के अंदर किसी तरह की गुटबाजी होने को नकार चुके हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि घमासान अब तक थमा नहीं है।

यदि पार्टी नेतृत्व ने हस्तक्षेप नहीं किया तो पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ बिगुल फुंकना तय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने की संभावना है। पार्टी ने सदस्यों के बीच तालमेल बनाने के लिए 27 दिसंबर को जिला पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई है। साथ ही बैठक में नहीं आने वालों को चेतावनी भी दी गई है।

पार्टी ने सौंपी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में चंद्रभूषण सिंह बुंदेला उर्फ गुड्डू राजा, तिलक यादव और कैलाश यादव आदि नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। ताकि, चुनाव सही तरीके से निपट जाए।

बचाव मुद्रा में दिख रहे जिला पंचायत सदस्य
पार्टी के अंदर चल रही उठापटक के बीच ज्यादातर जिला पंचायत सदस्य बचाव मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। कइयों ने तो उम्मीदवारी को लेकर चल रही उठापटक से खुद को बिल्कुल अलग कर लिया है। वह इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

सपा का किला दरकेगा या नहीं?
जिले में 21 जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें समाजवादी पार्टी से जुड़े सर्वाधिक नेता जीत कर आए हैं। इससे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार की मजबूत दावेदारी मानी जा रही है।

लेकिन, अंदर खाने की उठापटक में सपा का किला दरकता या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। यदि बगावत हुई तो अध्यक्ष पद विरोधी पाले में जा सकता है। वर्तमान उठापटक से जिला पंचायत का चुनाव रोचक हो गया है।
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