ललितपुर। चार वर्ष बाद इस बार रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा और पंचक से पूर्णत: मुक्त रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार भद्रा आठ अगस्त को दोपहर से शुरू होकर देर रात तक रहेगा, जो सूर्योदय से पूर्व खत्म हो जाएगा। जबकि, रक्षाबंधन का त्योहार नौ अगस्त को सूर्योदय से पूरे दोपहर बाद तक रहेगा। इस बार पंचक भी नौ अगस्त की रात से शुरू होंगे। ऐसे में रक्षाबंधन पर नौ अगस्त को दिनभर राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. महेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का त्योहार नौ अगस्त को पूर्णमासी के दिन शनिवार सुबह 5:50 बजे से प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार धनिष्ठा नक्षत्र से युक्त श्रवण नक्षत्र में किया गया उपाकर्म सफल माना गया है। अत: दो घड़ी यानी सूर्योदय से एक घंटा 50 मिनट तक उपाकर्म का विशेष शुभकाल माना गया है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
यह रहेगी भद्रा की स्थिति
ज्योतिषाचार्य पं. महेश प्रसाद मिश्र के मुताबिक सावन की पूर्णिमा पर भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होगी। यह आठ अगस्त को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन एक बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन सूर्योदय सुबह पांच बजकर 47 मिनट पर होगा। इसलिए राखी के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।
रक्षाबंधन पर इन शुभ योगों का संयोग
सर्वार्थ सिद्धि योग : इस बार रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह योग सुबह पांच बजकर 50 मिनट से दोपहर दो बजकर 23 मिनट एवं इसके बाद भी तीन बजकर 38 मिनट तक राखी बांधने का योग रहेगा। अलग-अलग पंचांग में भद्रा की स्थिति का समय अलग-अलग दिया गया है।
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नौ अगस्त की रात में लगेगा पंचक
रक्षाबंधन के दिन नौ अगस्त की रात 3:21 बजे से पंचक लगेंगे, जो 14 अगस्त की सुबह 11:20 बजे तक रहेंगे।