ललितपुर। रक्षाबंधन के चलते शुक्रवार को शहर के मुख्य बाजार घंटाघर, कटरा बाजार एवं लोहा पीतल मार्केट में राखियों का बाजार सज गया है। इस बार राखियों पर पिछले बार की तुलना में 10 से 12 फीसदी तक अधिक महंगाई देखने को मिली। बहनों ने भाइयों के लिए चांदी की राखियां भी खूब खरीदी। कुछ बहनों ने आभूषणों की दुकानों पर सोने की राखियाें की भी खरीदारी की। कपड़ों की दुकानों पर भी खूब खरीदारी की गई। वहीं, मिठाइयों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ लगी रही।
रक्षाबंधन का त्योहार आज शनिवार को श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों को हल्दी, रोली से तिलक करके उन्हें राखी बांधेंगी और मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराएंगी। भाई भी बहनों को उपहार भेंट करेंगे। शुक्रवार को घंटाघर से सावरकर चौराहा तक राखी का बाजार दिनभर गुलजार रहा। सड़क किनारे लगी दुकानों पर पांच, दस और 50 रुपये से लेकर 300 से 400 रुपये तक की राखियां खरीदी गईं। कई स्थाई दुकानों पर तरह-तरह की आकर्षक डिजायनों की राखियां देखने को मिलीं। रेशम के धागों की भी मांग खूब रही।
आभूषणों की दुकानों पर बहनों ने सोने व चांदी की राखियां भी खूब खरीदी। चांदी की राखियों के दाम 500 से 1500 रुपये तक रहे, जबकि सोने की राखियां आधा ग्राम से दो ग्राम तक वजन में रहीं। जहां बच्चों के लिए कार्टून वाली राखी, डोरेमॉन, शिनचैन, छोटा भीम, पोकेमॉन और बड़ों के लिए स्टोन वाली खूबसूरत राखियां बाजार में उपलब्ध रहीं, वहीं इनकी कीमत 20 से लेकर 300 रुपये तक रही। लाइट वाली राखी 30 से लेकर 180 रुपये, फैंसी धागों की राखियां 15 से 160 रुपये रही।
मिठाइयों की हो रही खूब बिक्री : आज रक्षाबंधन होने के चलते लोगों ने शुक्रवार से ही मिठाइयां खरीदनी शुरू कर दी। हलवाइयों ने पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं। दुकानों पर तरह-तरह की मिठाइयां उपलब्ध थीं। जगह-जगह बूंदी व चीनी के लड्डुओं की दुकानें भी बाजार में सजी नजर आईं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने लड्डुओं की खूब खरीदारी की।
-
सूर्योदय से दिनभर रहेगा राखी बांधने का मुहूर्त
इस बार रक्षाबंधन का त्योहार नौ अगस्त को पूर्णमासी के दिन शनिवार सुबह 5:50 से प्रारंभ होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार धनिष्ठा नक्षत्र से युक्त श्रवण नक्षत्र में किया गया उपाकर्म सफल माना गया है। अत: दो घटी यानी सूर्योदय से एक घंटा 50 मिनट तक उपाकर्म का विशेष शुभकाल माना गया है। इस वर्ष रक्षाबंधन भद्रा और पंचक से पूर्ण रूप से मुक्त रहेगा यानी भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। इससे सूर्याेदय से पूरे दिन राखी बांधने का योग रहेगा।