सौजना। विकासखंड महरौनी अंतर्गत ग्राम जमुझिर स्थित विद्यालय की रसोई घर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आलम यह है कि बरसात के मौसम में रसोई की छत से पानी टपकता है। जिससे पूरे कमरे में पानी भर जाता है। इस स्थिति के कारण रसोइयों को बच्चों के लिए समय से खाना तैयार करने में काफी परेशानी होती है। खुले में या कीचड़ में बैठकर खाना बनाने में काफी समय लग जाता है। विद्यालय में लगभग 44 बच्चे पढ़ते हैं, जिनके लिए प्रतिदिन मिड डे मील रसोई घर में तैयार किया जाता है। ग्रामीणों ने रसोई घर की मरम्मत कराने की मांग की है।
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बारिश शुरू होते ही रसोई में दो-तीन इंच तक पानी भर जाता है इससे बर्तन, गैस चूल्हा और आटा सभी गीला हो जाता है। जिस कारण बच्चों को भोजन समय से नहीं मिल पाता है।
बृजमोहन वैद्य
गंदगी और पानी के बीच तैयार किया गया भोजन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। जल्द-से-जल्द जर्जर छत को दुरूस्त किया जाए, अन्यथा कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।
जुगल रैकवार, अभिभावक
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रसोई घर जर्जर स्थिति में होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को पहले ही दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
शशि प्रकाश पालीवाल, प्रधान अध्यापक