ललितपुर। जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग ने जमड़ार और भौंरट बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है। रविवार सुबह जमड़ार बांध से 1541 क्यूसेक और भौंरट बांध से 1110 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर निर्धारित सीमा पर पहुंचने के बाद जमड़ार से पानी की निकासी घटाकर 663 क्यूसेक कर दी गई। सिंचाई विभाग के अधिकारी सभी बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले भी उफान पर हैं। इसका असर बांधों के जलस्तर पर भी पड़ा है। जमड़ार और भौंरट बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से पानी की आवक बढ़ गई। रविवार सुबह जमड़ार बांध का जलस्तर पूर्ण जलस्तर 368.00 मीटर के सापेक्ष 367.55 मीटर पहुंच गया। वहीं जामनी नदी में पानी बढ़ने से निर्माणाधीन भौंरट बांध में भी पानी की आवक तेज हो गई।
जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जमड़ार बांध का एक गेट खोलकर 1541 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कराई। वहीं भौंरट बांध का एक गेट खोलकर 1110 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोपहर में जमड़ार बांध में पानी की आवक कम होने और जलस्तर निर्धारित सीमा में आने पर निकासी घटाकर 663 क्यूसेक कर दी गई।
नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक बढ़ने के बाद गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर निर्धारित होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे। सभी बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
राजघाट बांध 88.10 फीसदी भरा
जून और जुलाई में मानक से कम बारिश के बाद अगस्त में हुई अच्छी बारिश से बांधों के जलस्तर में तेजी से सुधार हुआ है। मध्य प्रदेश क्षेत्र में बारिश होने से बेतवा नदी में भी पानी की आवक बढ़ी है। इससे राजघाट बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार सुबह तक राजघाट बांध 88.10 फीसदी भर चुका था। इसका जलस्तर पूर्ण जलस्तर 371.00 मीटर के सापेक्ष 369.75 मीटर पहुंच गया।
वहीं शहजाद बांध 71.50 और जमड़ार बांध 80.10 फीसदी भर चुका है। जिले के दो बांधों में अभी 40 फीसदी से कम पानी है, जबकि नौ बांधों में 40 से 70 फीसदी तक जलभराव हो चुका है।