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दस घंटे बारिश, करोड़ों का नुकसान, किसान परेशान

Mon, 20 Mar 2017 01:04 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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लगातार कई सालों से प्रकृति की मार झेल रहे किसानों को शनिवार रात एक बार फिर मौसम की पलटी की मार झेलनी पड़ी। शनिवार शाम से रविवार तड़के तक रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश ने खलिहानों में कटी रखी और खेतों में खड़ी किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का आकलन है कि करीब 25 से 30 फीसदी खराब हो गई है, जिससे जिले के किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
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जनपद में हुई बारिश से किसानों की खेत में खड़ी चना और गेहूं की फसल भीग गई। खलिहान में रखी फसल नमी आने के कारण खराब होने का खतरा है। खेतों में खड़ी चने की फसल में नमी के कारण दाने काले पड़ जाने या दाना खराब हो जाने का खतरा है। इसके अलावा कई जगहों पर गेहूं की फसल की कटाई नहीं हुई है। इस कारण गेहूं की फसल के खराब होने का खतरा नहीं है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वह खलिहान में रखी फसल को नमी से बचाने के लिए फैलाकर रख दें और धूप में सुखा लें। हालांकि रविवार को भी बादल छाए रहने से धूप कम ही रही।


 जिले के जमोरा, इमालिया कलां, नयागांव, सरखड़ी, जिलोनि, झरावटा, उमरिया, डोंगरा खुर्द, पटना, दिगवार, गुढ़ा, खिरिया, बरेजा, चादोरा, गुरयाना, धोलपुरा, गदोरा, देवरी, पारोल सहित सैकड़ों गांवों में शनिवार देर शाम आसमान पर छाए बादल बौछारों के रूप में बरस पड़े। शनिवार रात 10 बजे से रुक-रुक कर बूंदाबांदी शुरू हुई जो रविवार सुबह आठ बजे तक जारी रही। किसानों की माने तो अभी गेहूं, जौ, कटिया गेहूं आदि फसलों में दस से 20 प्रतिशत के नुकसान का अनुमान है। चना में 25 से 30 प्रतिशत का नुकसान हो सकता है। क्योंकि दस घंटे हुई रिमझिम बारिश से चने का दाना फूलकर फफूंदी पकड़ चुका होगा।
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गेहूं में कम, दलहन में ज्यादा नुकसान
झरावटा के किसान संजय पटेल ने बताया कि जौ और गेहूं की फसल कटी हुई डली हुई थी, जिससे उसमें पानी भर जाने के कारण 5 से 10 प्रतिशत दाना काला पड़ गया है। अब इसकी कीमत करीब 200 रुपये क्विंटल कम मिलेगी। जमोरा के किसान कुंजन लाल विश्वकर्मा ने बताया दो एकड़ खेत में सब्जी के लिए पौध रोपी थी, जो बारिश से खराब हो गई। गेहूं की फसल तेज हवा और पानी से पूरी तरह बिछ गई है। इसमें बीस से 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। सरखड़ी के प्रधान कंछेदी लाल पटेल ने बताया कि गेहूं, जौ में 10 से 15 और दलहनी फसलों को 30 से 33 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

इस साल अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बरसात होने से गेहूं की फसल को फिर बहुत नुकसान हो गया है। कई सालों से सूखा झेल रहे हम किसानों को इस साल कर्जा मुक्त होने की आशा थी, लेकिन फसल खराब होने से फिर कर्जा बढ़ जाएगा।
देशपत कुशवाहा, डोंगरा खुर्द


सिंचाई के लिए कोई साधन न होने के कारण उधार लेकर ट्यूबवेल से सिंचाई करवाई। अब बारिश ने फसल का और नुकसान करा दिया। अब और बारिश न हो तो किसानों के लिए फायदेमंद होगा। बारिश होने से पूरी फसल खेतों में बिछ गई है।
अनंदी लाल साहू


बारिश से हुए फसल के नुकसान की रिपोर्ट लेखपाल और अन्य अधिकारियों से मांगी जा रही है। यदि कहीं नुकसान अधिक होगा तो बीमा कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर सर्वे कराया जाएगा। किसान निराश न हों, फसल का नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा जरूर मिलेगा।
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हंसराज, उप निदेशक कृषि प्रसार
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