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तीन दिनों से नहीं जले धौलपुरा में चूल्हे

Sat, 09 Jul 2016 01:23 AM IST
lalitpur
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बरबादी - फोटो : amar ujala
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सिलावन (ललितपुर)। बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उफनाए नदी और नालों के पानी से गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई, ग्रामीणों के घरों में बरसात का पानी घुस गया है। ग्रामीणों को जहां रात-रात भर जागकर गुजारना पड़ रही हैं। वहीं, गृहस्थी का सामान व अनाज आदि भी पानी से बर्बाद हो गया हैं। इसके चलते कई गांवों में ग्रामीणों के चूल्हे तक नहीं जले हैं। कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा हैं। इतना ही नहीं सचिवालयों और विद्यालयों को भी क्षति पहुंची हैं। तहसील पाली अंतर्गत धौलपुरा गांव में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला हैं। यहां दर्जन भर से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों में तीन फुट से अधिक पानी भर गया है, जिसके चलते ग्रामीणों ने तीन दिनों से चूल्हें तक नहीं जलाए हैं। वही गांव में अभी तक प्रशासन का कोई भी नुमांइदा नहीं पहुंचने के आरोप भी ग्रामीण लगा रहे हैं।  
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तहसील पाली अंतर्गत धौलपुरा गांव के ग्रामीणों के लिए बरसात का पानी आफत बन गया हैं। यहां बारिश के पानी ने समूचे गांव को अपनी गिरफ्त में ले लिया हैं, इसके चलते पानी ग्रामीणों के घरों में भर गया। इससे कई लोगों के आशियाने ढह गए। गृहस्थी और खाने पीने का सामान नष्ट हो गया। बोरों में रखा अनाज पानी से गीला होने के कारण खराब हो गया है। इससे गांव के कई ग्रामीणों के घर के चूल्हे बीते तीन दिनों से नहीं जल पाए हैं। वहीं, खेतों में जलभराव होने से उर्द आदि की फसल भी चौपट हो गई हैं। गांव के चतरे पुत्र गोकल, रामदास पुत्र गोकल, मनीराम पुत्र कामता, अर्जुन पुत्र खिलान, बालकिशन पुत्र चऊदे, गोविन्दरास पुत्र बारेलाल, जूजे पुत्र बारेलाल, भामा पत्नी कडोरे, केशरानी पत्नी खिलान, अंगूरी पत्नी लखना, सोनू पुत्र मनोहर, बलराम पुत्र भृमतचंद्र आदि के मकान बरसात के पानी से ध्वस्त हो गए। प्राथमिक विद्यालय धौलपुरा और सचिवालय की चहारदिवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। गांव निवासी भाजपा नेता सोनू चौबे सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन से ग्रामीण प्राकृतिक आपदा झेलने को मजबूर हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक व राजनीतिक प्रतिनिधि गांव नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने गांव में हुई क्षति का आंकलन कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की हैं।
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