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क्वारंटीन सेंटर बने शोपीस

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कैप्सन- कडेसराकलां में बने क्वारंटीन सेंटर में पसरा सन्नाटा - फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। विकासखंड तालबेहट के विभिन्न गांवों में आए मजदूरों में से अधिकांश कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में न ठहरकर अपने-अपने घरों में रह रहे हैं। वह खेतों पर और गांवों की गलियों में घूम रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बाहर से आने वाले मजदूरों की जांच में हीला हवाली कर रहे है, इससे जनप्रतिनिधियों में रोष है।
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पूरे देेश में कोरोना की समाप्ति के लिए मिलकर जंग लड़ी जा रही है। बाहर से आने वाले मजदूरों एवं अन्य लोगों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ उनके चिकित्सीय परीक्षण के लिए उन्हें 14 दिन तक क्वांरटीन सेंटर या अकेले में रखने के निर्देश हैं। इसके तहत विकासखंड के प्रत्येक गांव में क्वारंटीन सेंटर बना दिए गए हैं। परंतु, विकासखंड तालबेहट के अंतर्गत अधिकांश गांवों में बने यह सेंटर मात्र शोपीस साबित हो रहे हैं।
आदर्श ग्राम पवा की ग्राम प्रधान ज्योति मिश्रा ने बताया कि उनके गांव में अब तक 68 मजदूर बाहर से आए हैं, इनमें से मात्र आधा दर्जन ही क्वांरटीन सेँटर में रुके। अन्य मजदूर अपने-अपने घरों पर हैं। उन्होंने बताया कि सीएचसी पर बाहर से आने वाले मजदूरों के परीक्षण में लापरवाही बरती जा रही है।
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ग्राम कड़ेसराकलां की ग्राम प्रधान संगीता अगरिया, नत्थीखेडा ग्राम प्रधान सेवाराम राजपूत, बिजरौठा ग्राम प्रधान करन कुशवाहा, असऊपुरा प्रधान हरीराम श्रीवास, जमालपुर प्रधान पार्वती यादव, भुचेरा ग्राम प्रधान राममनोहर नायक, रामपुर प्रधान सुमन कुशवाहा आदि ने बताया कि उनके गांव में आए मजदूरों में से कुछ का ही स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। अधिकांश मजदूर अपने-अपने घरों में रह रहे हैं।
इनको 14 दिन तक घरों में रहने के लिए कहा गया था, परंतु इनमें से अधिकांश मजदूर अपने घरों में न रुक कर खेतों में फसल काट रहे हैं और कुछ दूसरों के यहां फसल काटने का काम कर रहे हैं। मना करने पर वह मान भी नहीं रहे हैं। इससे गांव के लोगों में दहशत है।
क्वारंटीन सेंटर बने बाद में, मजदूर आए पहले
तालबेहट। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद विकासखंड के कई गांवों में जनप्रतिनिधियों की ढील की वजह से क्वांरटीन सेंटर तक नहीं बन सके। इस कारण गांव में पहले आने वाले मजदूर अपने घर चले गए। जनप्रतिनिधि भी मजबूरी में उन्हें घर जाने से नहीं रोक सके। क्योंकि, उस समय क्वांरटीन सेंटर ही नहीं बन सके थे।
547 का ही परीक्षण
तालबेहट। चिकित्सा अधीक्षक डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि बाहर से आने वालों लोगों के परीक्षण के लिए पांच टीमें हैं। अभी तक 547 लोगों का परीक्षण हुआ है। इसमें से चार लोगों को शंका होने पर जिला स्तर पर भेजा जा चुका है। बाहर से आने वाले अन्य लोगों के परीक्षण के लिए गांव- गांव में आशा के माध्यम से आने वालों पर नजर रखी जा रही है।
बाहर से आने- वाले लोगों के मकान के आगे क्रास बना दें और उन पर नजर रखें। बाहर जाने पर तत्काल 112 नंबर पर पुलिस और उन्हें सूचना दें। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी तालबेहट
फोटो सहित क्रमांक - 8
कैप्सन -आश्रम पद्धति विद्यालय का निरीक्षण करते सीएमओ और एसडीएम
आश्रम पद्धति विद्यालय को बनाया क्वारंटीन सेंटर
तालबेहट। कोरोना वायरस से निपटने के लिए चल रही व्यापक तैयारियों के तहत राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तालबेहट को तहसील स्तरीय क्वांरटीन सेंटर बनाया गया। सीएमओ सहित कई अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रतिदिन बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रभाव को समाप्त करने के लिए प्रशासन व्यापक तैयारी कर रहा है। इसके तहत लगभग एक सप्ताह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट को लेबल-एक का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। इसके बाद नगर की सीमा पर ग्राम तरगुंवा के समीप बने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय को तहसील स्तरीय क्वांरटीन सेंटर बनाया गया। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह, एसडीएम मो. कमर, तहसीलदार श्रीकृष्ण सहित कई अधिकारियों ने निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को जायजा लिया।
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