ललितपुर। जिले में कोरोना वायरस के चलते अधिकांश क्षय रोगी प्रभावित हो गए हैं। जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन लगभग 32 नए क्षय रोगी आते थे, लेकिन अब टीबी क्लीनिक पर आने वाले मरीजों की संख्या घटकर मात्र आठ रह गई है। इससे स्थिति अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
क्षय रोग को मिटाने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीमों का गठन किया जाता है, जो घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करती हैं। इसमें रोग से संबंधित लक्षणों की जानकारी करती हैं। संभावित लक्षण पाए जाने पर उनकी बलगम की जांच सीएचसी/पीएचसी पर भेजी जाती है। जहां से पुष्टि होने पर उसका पंजीयन कर उपचार शुरू किया जाता है। स्वास्थ्य शिविर लगाकर भी मरीज खोजे जाते हैं, जिससे क्षय रोग को समाप्त किया जा सके।
बीते दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां पर फैक्ट्री व अन्य कार्य बंद होने से मजदूर व निर्धन तबके के लोग अपने घरों में बैठ गए हैं, वहीं पर यातायात सेवाएं बंद होने से कई लोगों को परेशानी हो गई है। शासन ने अस्पतालों में लोगों की भीड़ को कम करने के लिए ओपीडी सेवा बंद कर दी है। इससे कई प्रकार के रोगों की जांच नहीं हो पा रही है, जिससे मरीज बिना उपचार के ही घर में बैठे हैं।
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने क्षय रोगियों के उपचार को प्रभावित कर दिया है। कई नए रोगी अपने इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित टीबी क्लीनिक पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका कारण यातायात की सुविधा का अभाव है। इसके अलावा लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरे का भय भी सता रहा है। टीबी क्लीनिक पर जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 30 से 32 नए मरीज जांचकर दवा कराने के लिए पहुंचते थे, अब लॉकडाउन होने के कारण प्रतिदिन केवल आठ नए मरीज ही पहुंच रहे हैं। यहां शहर के आसपास के लोग ही पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सीएचसी और पीएचसी पर ओपीडी बंद होने से नए मरीज वहां पर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इतना ही नहीं लॉकडाउन से नए मरीजों की खोज भी प्रभावित हो रही है।
एक माह की दी जा रही दवा
क्षय रोगियों को शुरुआत में एक सप्ताह की दवा दी जाती थी, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन से मरीजो को आने में परेशानी थी। इस कारण शासन ने क्षय रोगियों को एक माह की दवा देने के निर्देश दिए हैं। इससे अब मरीजों को एक माह की दवा दी जा रही है। लेकिन, नए मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं। पुराने मरीजों को नियमित दवा दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जेएस बख्शी टीबी क्लीनिक से दवा वितरण कर रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी व पीएचसी पर भी नियमित दवा वितरण की व्यवस्था की गई है।
लॉकडाउन से ग्रामीण क्षेत्रों के नए क्षय रोगी नहीं आ पा रहे हैं। पहले जहां 30 से अधिक मरीज प्रतिदिन नए आते थे, अब आठ मरीज ही पहुंच रहे हैं। हालांकि, दवा सभी को वितरित की जा रही है।
- डॉ. जेएस बख्शी, जिला क्षय रोग अधिकारी