ललितपुर (ब्यूरो)। श्री तुवन मंदिर प्रांगण में चल रहे ललितपुर महोत्सव का पांचवां दिन सूफी गायन के कलाकारों के नाम रहा। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सूफी गीत गाकर संगीत प्रेमियों का मनमोह लिया।
सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह, विशिष्ट अतिथि आरटीओ सोमलता यादव, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, कोतवाली प्रभारी मंगला प्रसाद तिवारी और अफजुल रहमान ने किया। अध्यक्ष ने सभी अतिथियों व नगर की जनता का आभार व्यक्त किया। वंदना के बाद मां अंबे ग्रुप के गायक सुरेंद्र झा ने दीवाना तेरा आया बाबा, तेरी शिरड़ी में... साईं भजन गाकर खूब तालियां बंटोरी।
इसके बाद उन्होंने गजल ये जो हल्का-हल्का सुरूर है, तेरी नजर का कसूर है, तेरे नजदीक आऊंगा तो संवर जाऊंगा..., पंजाबी गीत नित खेर मांगा सदियों, सोंडियो पर... तो श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे। गायिका भावना ठाकुर ने झोली भर दे या मुहम्मद... गाया, तो संगीतप्रेमी खड़े होकर तालियां बजाने लगे। कलाकारों ने देर रात तक समां बांधे रखा।
इस अवसर पर रूपेश जैन, इदरीश राइन, भैया यादव, कमल सिंह यादव, रामसेवक प्रजापति, लालचंद्र, आर के लवानिया, डीके विरोनियां, रमाकांत तिवारी, दीनदयाल सोनी, अशोक शिवहरे, चंद्रविनोद मिश्रा, फीरोज इकवाल, अनिल सूर्यवंशी, मोहसिन खान, नरेंद्र राठौर, आबिद, डब्बू तिवारी, अनिल सोनी, पिंकू सैनी, गौहर खान, आकिल खान, किरन करोसिया, कपिल सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
फरजाना ने श्री कृष्ण पर दी प्रस्तुति
फरजाना ने नटखट वंशी वाले, मेरी अखियां तरस गयीं, अब तो आजा... प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। उनकी यह प्रस्तुति दर्शकों को भावविभोर कर गई।