भीषण गर्मी में भी नगर पालिका परिषद की प्याऊ अब तक प्रारंभ नहीं हो सकी हैं। जो स्थायी प्याऊ पहले संचालित हैं, उनका बुरा हाल है। ऐसे में राहगीरों को अपने सूखे कंठ तर करना मुश्किल हो रहा है।
इस साल गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। भगवान भास्कर रौद्र रूप धारण किए हुए हैं। सुबह आठ बजे से ही चटक धूप का अहसास होने लगता है। दोपहर 12 बजते ही लोगों के कंठ सूखने लगते हैं। ऐसे में राहगीर प्यास बुझाने के लिए आसपास प्याऊ या हैंडपंप पर नजर दौड़ाते हैं, लेकिन दूर-दूर तक लोगों को पेयजल के स्रोत दिखाई नहीं देते हैं। कई राहगीर दुकानों पर बिक रहे पानी पाउच को खरीदते हैं तो कइयों को पहले बनी स्थायी प्याऊ पर प्यास बुझानी पड़ रही हैं। कचहरी चौराहे पर बनी स्थायी प्याऊ में गंदगी का अंबार है। इसकी एक टोंटी भी काम नहीं कर रही है। कई लोग तो प्याऊ में पसरी गंदगी को देख प्यासा रहना बेहतर समझते हैं और अन्य जगह जल स्रोत की तलाश में निकल पड़ते हैं। महावीर प्याऊ का हाल भी ठीक नहीं है। यहां लोग समीप लगे हैंडपंप से पानी भरकर प्यास बुझाते हैं। घंटाघर पुलिस चौकी के पास एक समाजसेवी द्वारा प्याऊ की स्थापना की गई है। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी समाजसेवी लोगों की प्याऊ लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद अभी तक इस मामले में फिसड्डी साबित हो रही है। वह प्याऊ के लिए स्थान भी चिह्नित नहीं कर सकी है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
इन स्थानों पर लगाई गई थी प्याऊ
पिछले वर्ष नगर पालिका परिषद ने रेलवे स्टेशन के बाहर, श्री वर्णी चौराहा के पास, संयुक्त जिला चिकित्सालय के बाहर, बस स्टैंड, इलाइट चौराहा, गल्ला मंडी के सामने, घंटाघर नपा कार्यालय के सामने, जिला कारागार और बीएसए कार्यालय के मध्य, कैलगुवां तिराहा टेंपो स्टैंड के पास, सुपर मार्केट, कचहरी चौराहा, न्यायालय परिसर, सदनशाह तिराहा, देवगढ़ रेल्वे क्रांसिग के पास, शहजाद नदी टैक्सी स्टैंड पर, कैलगुवां हाइवे बाईपास चौराहे के पास, नवीन गल्ला मंडी के अंदर व आजाद चौक पर प्याऊ लगाई गई थी।
प्याऊ की स्थापना के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। इस माह में प्याऊ की स्थापना करा दी जाएगी।
विपिन कुमार, अवर अभियंता
नगर पालिका परिषद ललितपुर।