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बरसात के कारण नहीं हो सका अंतिम संस्कार

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बरसात के कारण नहीं हो सका अंतिम संस्कार
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मड़ावरा। ब्लॉक मड़ावरा की ग्राम पंचायत सौंरई में अंतिम संस्कार के लिए मुक्ति धाम नहीं होने के कारण बरसात के समय में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को बरसात के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ा। ग्राम सौंरई निवासी बाबूलाल तिवारी का निधन हो गया था। निधन की खबर सुनकर ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंच गए। गांव में मुक्तिधाम नहीं होने के कारण खुले में अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू की गई, लेकिन बरसात होने लगी। जब देर तक पानी नहीं रुका तो मजबूरी में लोगों को शव को वापस ले जाना पड़ा, क्योंकि मुक्तिधाम नहीं होने के कारण कहीं पर भी पानी से बचाव का इंतजाम नहीं था। इसके बाद अगले दिन अंतिम संस्कार किया जा सका। गांव की आबादी लगभग नौ हजार, फिर भी गांव में मुक्तिधाम नहीं है। सरकार हर वर्ष गांव के विकास के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन, गांव में मुक्तिधाम स्थल नहीं है। गांव में शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाने के कारण चर्चा का विषय बना रहा।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण गांव में मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो पा रहा है। गांव की आबादी के हिसाब से दो मुक्तिधाम होने चाहिए थे, लेकिन गांव में एक भी मुक्तिधाम नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है।
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- सरमन रैकवार, निवासी सौंरई
आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी शव को रात भर खेतों पर रखकर अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ा हो। मुक्तिधाम नहीं होने के कारण शव को रात भर पानी खुलने का इंतजार करना पड़ा। इसे प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए।
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- मूलचंद साहू, निवासी सौंरई
सौंरई गांव में अभी कोई मुक्तिधाम नहीं है, जिससे गांव वालों को अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है। लेकिन, गांव के लिए मुक्तिधाम स्वीकृत हो चुका है। पैसा भी आ चुका है, मौसम साफ होते ही मुक्तिधाम का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- दिमान धर्मेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान प्रतिनिधि सौंरई।
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