ललितपुर। मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की मनमानी पर शीघ्र ही अंकुश लगेगा। मनमानी फीस व यूनिफार्म में कमीशनबाजी की जांच कर रहे अफसर ने जिले में छापामार अभियान चलाने की सिफारिश बीएसए से की है। इससे आने वाले दिनों में निजी स्कूलों पर विभाग का शिकंजा कस सकता है।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता लेकर 233 प्राथमिक एवं 136 उच्च प्राथमिक विद्यालय हिंदी माध्यम के हैं। वहीं, 41 विद्यालय अंग्रेजी माध्यम के हैं। इनमें से तमाम स्कूल विभागीय नियमों की अनदेखी कर अभिभावकों ने मनमानी फीस वसूल रहे हैं। यही नहीं, कई प्रबंधक किताबें और यूनिफार्म में कमीशन तय कर दुकानें फिक्स कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बीते दिनों कुछ लोगों ने जिलाधिकारी से दो निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने, यूनिफार्म एवं किताबों की दुकानें तय करने के आरोप लगाए थे। डीएम के आदेश पर बीएसए शमीम खानम ने खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत को जांच अधिकारी नामित कर दिया था। उन्होंने सभी पहलुओं की जांच करते हुए आरोपों को सही पाया। बीएसए को सौंपी आख्या में उन्होंने कहा कि जिले में निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए छापामार कार्रवाई पुलिस के सहयोग से चलाना होगी।
अब कार्रवाई की गेंद बीएसए के पाले में आ गई है। माना जा रहा है कि निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई जाएगी, जिसके बाद कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नाम बड़े व दर्शन छोटे
नगर के कई नामचीन विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूले जाते हैं, जबकि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को तमाम असुविधाओं से जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अभिभावक खुद को छला सा महसूस करते हैं। वह जानकर भी विद्यालय प्रबंध समिति की शिकायत नहीं करते हैं, उन्हें हर समय अपने बच्चे का भविष्य बिगड़ने का अंदेशा बना रहता है।