जिले के निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में बाल वैज्ञानिक तराशे जाएंगे। इन्सपायर अवार्ड मानक योजनांतर्गत मौजूदा शैक्षिक सत्र में सरकारी के साथ निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का भी रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।
माध्यमिक स्तर की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक सोच पैदा करने के उद्देश्य से इन्सपायर अवार्ड मानक योजना चलाई जा रही है। योजनांर्गत नामांकित छात्र-छात्राओं को विज्ञान विषय से संबंधित मॉडल बनाने को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। बीते वर्षों में परिषदीय और माध्यमिक कालेजों का ही पंजीकरण कराया जा सका है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में सरकारी के साथ निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर है। महत्वपूर्ण बात यह है कि योजना में सबसे पहले विद्यालयों का पंजीकरण कराया जाता है। उसके पश्चात छात्र-छात्राओं के नामांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि किसी विद्यालय का पंजीकरण नहीं हुआ है तो उन स्कूलों के अध्ययनरत छात्र-छात्राएं योजना से वंचित रह जाते हैं।
इसके मद्देनजर सभी विद्यालयों के पंजीकरण कराए जा रहे हैं। योजना की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन 28 फरवरी तक कराया जा सकता है। वर्तमान में योजना की वेबसाइट पर 550 विद्यालयों का पंजीकरण है। इनमें से लगभग 380 विद्यालयों के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विवरण भी वेबसाइट पर अपलोड हो गया है। बाकी विद्यालयों ने विवरण देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इससे गत वर्ष ऐसे विद्यालयों के छात्र-छात्राएं मॉडल बनाने से वंचित रह गए। उधर, योजना के प्रभारी अमित शुक्ला का कहना है कि जिन विद्यालयों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है और छात्र और छात्राओं का विवरण नहीं दिया है, ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर उनसे छात्र और छात्राओं का विवरण जुटाया जाएगा। इसके अलावा विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन भी किए जाएंगे। जो स्कूल/कालेज पूर्व में अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं उन्हें दोबारा इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेना है।