नोटबंदी के चलते पहले से ही लोगों की जेब में नगदी का मात्रा काफी कम हो गई थी, लेकिन अब आचार संहिता के बाद ज्यादा नगदी पर भी परेशानी हो सकती है। 50 हजार रुपये से अधिक का कैश लेकर नहीं चल सकेंगे। अगर इससे अधिक मात्रा में आपके पास कैश पाया गया तो उसका पूरा विवरण देना होगा। अगर संतोषजनक रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा पाए तो यह पैसा जब्त कर लिया जाएगा।
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जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रुपेश कुमार ने बताया कि बैंकों से होने वाले लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी। किसी खाते में 10 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन होने पर उसकी सूचना बैंकों को तत्काल प्रशासन को देनी होगी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन गहनता से इसकी पड़ताल कराएगा। उन्होंने बताया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी का चुनाव संबंधी कार्यों के दौरान व्यक्तिगत भेंट या स्वागत को आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकारी संसाधनों का निर्वाचन कार्य के अलावा अन्य कार्य में उपयोग नहीं होगा। वहीं, एसपी डी प्रदीप कुमार ने बताया कि चुनाव में प्रत्याशियों के हर गतिविधि की मॉनिटरिंग के लिए फ्लाइंग स्क्वॉयड, वीडियो सर्विलांस टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम लगाई गई है। अंतर्राज्यीय सीमा पर विभिन्न स्थानों पर पोस्ट लगाकर नियमित चेकिंग की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पड़ोसी जनपदों से लगती सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
दोहरी नागरिकता वाले वोटरों पर रहेगी नजर
हर बार चुनाव में मुश्किलें खड़ी करने वाले दोहरी नागरिकता वाले वोटरों प्रशासन की कड़ी निगाह रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कई चक्रों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया गया है। सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। 12 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाना है। इस प्रकाशित सूची में जिनके नाम होंगे, उन्हें ही मतदान का मौका मिलेगा।
अघोषित प्रत्याशियों के खर्चे पर स्थिति स्पष्ट नहीं
आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रत्याशियों के खर्चे की निगरानी भी शुरू हो चुकी है। चुनाव प्रचार में होने वाले हर खर्च को प्रत्याशियों के खाते में जोड़ा जाएगा। हालांकि जिन दलों में प्रत्याशी घोषित नहीं है, उनके खर्चे को लेकर प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। टिकट के विभिन्न दावेदारों की ओर से धनराशि खर्च की जा रही है। कई दावेदार हैं, जो रोज किसी न किसी आयोजन में हिस्सा लेकर जेब खोलकर चंदा राशि बांट रहे हैं।