नगरीय सीमा में वर्ष 2009 के अनुसार 23,644 भवन बने हुए हैं। हालांकि, इन छह साल में भवनों की संख्या 28 हजार से अधिक पहुंच गई है। लेकिन, अब तक इसका सर्वे नहीं किया जा सका है। प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2014 से नगर में स्वकर लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रही नगर पालिका सर्वे नहीं करा पाई है। लेकिन, गृहकर वसूलने में लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए नगर पालिका ने प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से स्वकर की गणना कराने का निर्णय लिया है। गणना स्वतंत्र व निष्पक्ष हो, इसके लिए बाहर की प्राइवेट एजेंसियों को आमंत्रित किया गया है, इसके टेंडर भी डाले जा चुके हैं।
कुछ समय बाद टेंडर खोले जाएंगे और सबसे कम धनराशि वाली एजेंसी से काम कराया जाएगा। सर्वे में मकान की मंजिलों व उनके अंदर बने कमरों की नापजोख को शामिल किया जाएगा। अलग-अलग मुहल्लों में बने सीसी/पेवरब्रिक्स सड़कों की लंबाई व चौड़ाई के मानक बनाए गए हैं। इन मानकों के अनुसार ही निष्पक्ष गणना की जाएगी। नगरीय सीमा में बने भवनों की गणना पूर्ण होने से नगर पालिका को गृहकर से होने वाली आय तीन से पांच गुना तक बढ़ जाएगी। इसका लाभ अप्रत्यक्ष रूप से नगरवासियों को ही मिलेगा। यह बढ़ी हुई धनराशि नगर विकास पर खर्च होगी, जिससे नगर में और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।