ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी की हालत बिगड़ने से लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदी को आठ दिन पहले ही जखौरा पुलिस द्वारा अपहरण के एक मामले वारंट पर जेल भेजा था, जहां तीन दिन पहले उसकी हालत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय से झांसी और वहां से लखनऊ रेफर किया गया था।
थाना जखौरा अंतर्गत एक अपहरण करने के एक मामले में न्यायालय से गैर जमानती वारंट निकलने पर जखौरा पुलिस द्वारा मध्य प्रदेश के जिला सागर के थाना मालथौन अंतर्गत ग्राम चिनाई निवासी भगवान सिंह (45) पुत्र हनुमत सिंह को पकड़कर जिला कारागार ललितपुर जेल भेजा गया था। जेल में पहुंचने पर शुरुआत में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत उसे अलग बैरक में क्वारंटाइन किया गया। वहां जब उसे पानी पीने के लिए दिया गया तो वह पानी से दूर भागने लगा और पानी नहीं पिया। इसके बाद वह लगातार पानी से डरने लगा, जिस पर जेल चिकित्सक द्वारा उससे पानी से डरने की बात पूछी और बीमारी के बारे में पूछा, तो बीमारी तो नहीं बता सका, लेकिन उसने वहां चिकित्सक को बताया कि एक महीने पहले उसके गांव में दो पिल्ले (कुत्ते के बच्चे) लड़ रहे थे, तो वह उन्हें हटाने लगा, जिस पर एक पिल्ले ने उसे बांये हाथ में काट लिया। उसने इसके लिए कोई इंजेक्शन भी नहीं लगवाया था। इसके बाद बीते 28 फरवरी को उसकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई, जिस पर उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे झांसी और झांसी से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया, जहां लखनऊ में बीते रोज सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बंदी का लखनऊ में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
उक्त मामले में बंदी को वारंट पर जखौरा पुलिस द्वारा 24 फरवरी को धारा 363, 366 के मामले में पकड़ा गया था, जिसे न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार भेजा गया था। उक्त बंदी पानी से डर रहा था और उसने कुत्ते के पिल्ले के काटने की बात बताई थी। 28 फरवरी को हालत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां से उसे झांसी और फिर वहां से लखनऊ रेफर किया गया था। लखनऊ में उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है।
सुरेश कुमार, कारापाल, जिला कारागार।