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प्रधानाचार्य ने छात्र को पीटा

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ललितपुर। ब्लाक बार अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़िया के प्रधानाध्यापक बच्चे की पिटाई के मामले में फंस गए हैं। जांच अधिकारी ने शिकायत को सही पाया है। उन्होंने कार्रवाई के लिए आख्या बीएसए को सौंप दी है।
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पांच सितंबर को ग्राम गढ़िया निवासी राजीव कुमार पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह ने प्रधानाध्यापक पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बीएसए को प्रार्थना पत्र सौंपा था। इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी भरत कुमार वर्मा को सौंपी गई। उन्होंने छह सितंबर को विद्यालय का निरीक्षण किया। उस दौरान अनुदेेशिका चार सितंबर से अवैतनिक अवकाश पर पाई गईं। मंजूलता सिहारे अनुदेशिका वर्ष 2013 से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। दस अक्तूबर 2018 से कल्पराज अहिरवार अनुचर उच्च प्राथमिक विद्यालय पारौन में संबद्ध हैं। विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था प्रधानाध्यापक द्वारा की जा रही है। बच्चों को वितरित की गई तहरी की गुणवत्ता खराब पाई गई। इसमें मौसमी सब्जियों व मसालों का प्रयोग नहीं किया गया था।
बताया गया कि प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को साफ-सफाई नहीं करने पर धमकाया जाता है। राजीव कुमार द्वारा उक्त कार्य नहीं करने पर उसकी पिटाई की गई। राजीव कुमार की बहन समीक्षा कक्षा छह अध्ययनरत है। उसने बताया कि पांच सितंबर को प्रधानाध्यापक द्वारा बड़े भाई की पिटाई की बात बताई गई थी। कक्षा आठ में अध्ययनरत छात्र पंकज यादव पुत्र शीलचंद्र द्वारा बताया गया कि प्रधानाध्यापक द्वारा विगत वर्ष में उसकी भी पिटाई की थी। ग्रामवासियों ने शिकायत की कि प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय प्रांगण में लगे बांस को वास्तविक से कम कीमत पर बेच दिया गया। पांच सितंबर की घटना के बारे में विद्यालय में उपस्थित शिक्षकों, अनुदेशकों व प्रधानाध्यापक से लिखित बयान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई भी बयान, लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
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प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित खबरों से स्पष्ट है कि प्रधानाध्यापक कांशीराम पुलैया द्वारा पांच सितंबर को राजीव कुमार की पिटाई की गई, जिससे वह शारीरिक के साथ मानसिक रूप से परेशान है। बच्चों को शारीरिक दंड दिया जाना प्रतिबंधित है, फिर भी प्रधानाध्यापक द्वारा इसकी पुनरावृत्ति की जा रही है, जिससे विभाग की छवि खराब हो रही है। उन्होंने अपनी आख्या बीएसए को सौंप दी है।
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