संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हर कोई भगवान के लिए नए वस्त्र, मुकुट, आभूषणों की खरीदारी करता नजर आया। दुकानदारों ने भी आकर्षक ढंग से उक्त सामग्री सजा रखी है। पुलिस लाइन स्थित कुंजबिहारी मंदिर में कृष्ण बाल लीलाओं की सुंदर झांकी सजाने में लोग जुटे रहे। नई बस्ती के चंडी माता मंदिर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भक्त व पुजारीगण भगवान के जन्मोत्सव की तैयारियां करते रहे। भगवान के लिए नए वस्त्र मंगवाए गए हैं। मंदिर परिसर में झालर आदि की व्यवस्था की गई है। तालाबपुरा स्थित नरसिंह मंदिर में राधाकृष्ण की झांकी सजाई जा रही है। थानेश्वर मंदिर को बिजली की झालर आदि से सजाया गया है। जगदीश मंदिर, बालाजी मंदिर व तुवन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां दिन भर होती रहीं।
डॉ ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को है। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रोहणी नक्षत्र में रात्रि 12 बजे हुआ था। यह पावन योग सोमवार को रात्रि 12 बजे पड़ रहा है। 26 अगस्त को रात्रि नौ बजकर 10 मिनट पर भगवान के जन्म का नक्षत्र रोहणी प्रवेश करेगा। घरों में 9 बजकर 15 मिनट से 12 बजे के मध्य भगवान जन्मोत्सव का पूजन किया जाएगा।