1 मार्च को इलाज के अभाव में गर्भवती महिला की हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। इलाज के अभाव में प्रसूता की मौत होने के बाद डीएम के द्वारा गठित की गई चार सदस्यीय जांच टीम रविवार की देर रात तक महिला थाना में मौजूद रही। इस केस से जुड़े मेडिकल कॉलेज के स्टाफ सहित मृतका के परिजनों से आवश्यक जानकारी लेते रहे।
मालूम हो कि एक मार्च को शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी गर्भवती मालती सोनी पत्नी नवीन सोनी की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों पर मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य के निर्देश के बाद भी मालती की सर्जरी न करने का आरेाप लगाया था। मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही बरतने पर गर्भवती महिला की मौत होने पर आक्रोशित परिजनों व लोगों ने जमकर हंगामा काटते हुए प्रदर्शन किया था। कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की थी। गर्भवती महिला की मौत के मामले को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया था अौर रविवार को जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद, एसडीएम सदर चंद्र भूषण प्रताप सिंह, सीओ सदर अभय नारायण राय व प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र दैलवारा में तैनात डॉ सुनीता दिवाकर को लेकर एक जांच टीम गठित करते हुए चौबीस घंटे में जांच रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए थे। जिसके क्रम में जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज में जाकर जांच पड़ताल की थी और मेडिकल कॉलेज में इलाज न होने के बाद जिस निजी नर्सिंग होम मां गायत्री नर्सिंग होम में मालती को प्रसव को भर्ती किया था वहां जाकर उक्त नर्सिंग होम को सीज कर दिया था। इसके बाद जांच ने महिला थाना बैठकर देर रात तक पूरी घटना की जांच पड़ताल की। जिसके लिए मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, स्टाफ नर्स, कर्मचारियोंं को अलग-अलग बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। साथ ही मृतका के परिजनों के भी बयान दर्ज किए थे। यह क्रम सोमवार को चलता रहा। जांच टीम ने सोमवार को भी अलग-अलग पहलू पर इस मामले की जांच की। सूत्रों के अनुसार जांच टीम के रिपोर्ट के प्रेषित होने के बाद कईयों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वहीं मेडिकल कॉलेज सहित शहर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
महिला की मौत पर सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रही वायरल
इलाज के अभाव में हुई गर्भवती महिला की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की पोस्ट आमलोगों के द्वारा की जा रही है। जिसमें महिला की मौत के जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
महिला की मौत पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी, उठ रहे कई सवाल
गर्भवती महिला मालती की मौत के बाद जहां आमलोगों में मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लेकर उबाल है और वह सोशल मीडिया सहित आमलोगों में चर्चा कर अपनी भड़ास निकाल रहे है। वहीं जनपद के जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस घटना में चुप्पी साधने और कोई प्रतिक्रिया न देने पर कई सवाल उठा रहे है। इस घटना को लेकर 48 घंटे से अधिक का समय गुजर चुका है और कोई भी जनप्रतिनिधि मृतका के परिजनों से मिलने तक नहीं पहुंचा।