पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने जिले के सभी थाने ऑन लाइन करवा दिए हैं। कंप्यूटराइज्ड प्रक्रिया होने से पुलिस प्रक्रिया में भी तेजी आनी शुरू हो गई है। अब इस दिशा में एक और कदम उठाया गया है। उन्होंने जनपद के सभी विवेचकों को निर्देशित किया है कि विवेचना के दौरान लेखबद्ध की जाने वाली केस डायरी को कंप्यूटर द्वारा ही लेखबद्ध किया जाए, जिससे जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरा किया जा सके, साथ ही विवेचक को मिलने वाली केस डायरी पुस्तिका उनसे वापस ले ली जाएगी। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने कहा कि जनपद के सभी प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष/चौकी प्रभारी एवं विवेचक शिक्षित एवं सुयोग्य हैं, इसीलिए उन्हें कंप्यूटर के माध्यम से केस डायरी लिखने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। इसका लाभ वादियों के साथ पुलिस को मिलेगा। इसमें विवेचक को 15 दिन का समय दिया जाएगा, जिससे विवेचना आसानी से हो सकेगी। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले गए हैं, जिनके माध्यम से भी संबंधित विवेचक जानकारी ले सकते हैं।
शासन की योजना के अंतर्गत प्रशासन थानों को आधुनिक बनाने में जुटा हुआ है। कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने से मुकदमे की फाइनल रिपोर्ट व चार्जशीट की जानकारी आसानी से हो सकेगी। ऑन लाइन प्रक्रिया के अंतर्गत 2 जुलाई को जनपद के सभी थानों से फाइनल रिपोर्ट जिल्द, चार्जशीट जिल्द को वापस मंगा लिया गया है। रविवार से सभी थानों में फाइनल रिपोर्ट व चार्जशीट केवल कंप्यूटर के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी। इसी क्रम में अगले 15 दिन के बाद केस डायरी को भी थानों/विवेचकों से वापस मंगा लिया जाएगा और इसके बाद कंप्यूटर आपरेटरों के माध्यम से विवेचना की संपूर्ण कार्रवाई ऑन लाइन कर दी जाएगी, जिससे पुलिस अधीक्षक समेत अन्य उच्चाधिकारी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को जान सकेंगे।