संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन और उनके पुत्र पर लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। मामले की सत्यता जानने के लिए जिला पंचायत कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी की जा रही है। इस प्रकरण को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर जारी है।
जाखलौन क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि 20 जून को उन्हें जमीन संबंधी बातचीत के लिए जिला पंचायत कार्यालय बुलाया गया। वहां जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की तथा तौलिया से गला कसने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद बुधवार को अमर विश्वकर्मा ने एक होटल में पत्रकार वार्ता कर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र पर मारपीट तथा गला कसने के आरोप दोहराए थे। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि चार वर्ष पहले उन्होंने अमर विश्वकर्मा को जमीन खरीद के एवज में 35 लाख रुपये दिए थे। रुपये वापस मांगने पर उन पर और उनके पुत्र पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसके लिए जिला पंचायत कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जाएगी।
वर्जन
शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— सुनील भारद्वाज, सीओ सदर