बार। थाना बार के अंतर्गत झूमरनाथ धाम मंदिर की दानपेटी का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चोर को पुलिस डेढ़ किलोग्राम गांजा समेत गिरफ्तार किया है। लेकिन, बदमाश ने मंदिर से सिर्फ 500 रुपये की चोरी की बात स्वीकारी है, जो किसी के गले नहीं उतर रही है।
पिछले हफ्ते पुलिस चौकी पारोन के निकटवर्ती गांव राजपुरा के पास झूमरनाथ मंदिर के गेट का ताला तोड़कर चोर अंदर घुसे और दानपेटी का ताला तोड़कर चढ़ावे का पैसा ले गए थे। थाना बार पुलिस चोरों की तलाश में थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम बटवाहा जाने वाली नहर की पुलिया पर बैठे एक युवक को घेराबंदी तक पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रीतम सिंह पुत्र मानसिंह निवासी ग्राम हरदुआ थाना नोट और जिला दमोह बताया। उसने बताया कि ग्राम राजपुरा थाना बार निवासी राजकुमार पुत्र रामदास अहिरवार के साथ मिलकर झूमरनाथ मंदिर की दानपेटी तोड़कर 500 रुपये की चोरी की थी। आपसी बंटवारा में दो सौ रुपया उसे मिले थे और 300 रुपये राजकुमार ले गया था। वह झांसी में रहकर मजदूरी करता था, किंतु इसी क्षेत्र के रहने वाला एक व्यक्ति लॉकडाउन के पहले लेकर आया और उसने 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कच्ची शराब बनाने का काम दिया। इसी दौरान राजकुमार के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके पास बोरी में गांजा भी बरामद किया।
दानपेटी से साल भर चलता था मंदिर प्रबंधन का खर्च, चोर बोला-पेटी में 500 रुपये ही थे
पुलिस के अनुसार पकड़े गए बदमाश ने स्वीकार किया कि दानपेटी में सिर्फ पांच सौ रुपये मिले थे। ऐसे में इस बात पर कोई सहज विश्वास नहीं कर पा रहा है, क्योंकि झूमरनाथ मंदिर क्षेत्र में प्रसिद्ध है। यहां पर दानपेटी साल भर में एक बार खुलती है। इसी से मंदिर प्रबंधन अपना खर्च चलाता है। बदमाश एक तो जिले का रहने वाला नहीं है, दूसरे गांजा समेत पकड़ा गया है। तीसरे जिसके यहां कच्ची शराब बनाने के लिए वह काम करता था, उसकी ओर पुलिस का ध्यान नहीं गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब वह कच्ची शराब बनाने का काम करता था तो उसे डेढ़ किलोग्राम गांजा कहां से मिल गया ?