नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर चार के मुहल्ला नेहरू नगर में संचालित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व वार्ड पार्षद के बीच चल रहे मनमुटाव का खामियाजा विद्यालय में पढ़ने वाले 269 बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। लगभग एक माह बीतने वाला है, लेकिन विद्यालय के बच्चों को एक दिन का भी माध्याह्न भोजन नसीब नहीं हो पाया है। मामला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में है, इसके बावजूद वह भी विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनवाना शुरू नहीं करा सके हैं।
नगर के प्राथमिक विद्यालय नेहरू नगर में बीते 24 मार्च से माध्याह्न भोजन नहीं पकाया जा रहा है, बच्चों को अपने घरों से भोजन लाकर गुजारा करना पड़ रहा है। यह मामला 14 अप्रैल को अमर उजाला की टीम के संज्ञान में आया, तो इस मामले को 15 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जानकारी करने पर सारा मामला वार्ड पार्षद और विद्यालय की प्रधानाध्यापक के बीच चल रहे मनमुटाव का सामने आया। एमडीएम विभाग ने एक अप्रैल को दो माह की एडवांस कनवर्जन कॉस्ट जारी कर दी है। विद्यालय व पार्षद के संयुक्त खाते में धनराशि तो है, लेकिन अब तक धनराशि नहीं निकाली गई है। प्रधानाध्यापक व पार्षद दोनों ही एक दूसरे पर चेक पर हस्ताक्षर नहीं करने के आरोप लगा रहे हैं। वैसे तो इस एमडीएम नहीं बनने वाले पूरे मामले को विद्यालय स्टाफ व खंड शिक्षा अधिकारी नगर को अपने उच्च अधिकारी बीएसए के संज्ञान में लाना था, लेकिन इनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया। बीते 14 अप्रैल को अमर उजाला ने इस मामले को बेसिक शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि एमडीएम से संबंधित उक्त मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं था, अब जानकारी हुई है तो शनिवार यानी 16 अप्रैल को हर हालत में एमडीएम बनवाया जाएगा और वितरित कराया जाएगा। शनिवार तो दूर मंगलवार भी बीत गया, लेकिन बीएसए भी अब तक विद्यालय में एमडीएम नहीं बना सके हैं।
बीएसए को नहीं दी गई एमडीएम नहीं बनने की सूचना
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नसीम बेगम ने एमडीएम नहीं बनने के संबंध में विगत 28 मार्च को बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र खंड शिक्षा अधिकारी नगर को सौंपा था और उन्होंने घटना की सारी जानकारी दी थी। यदि किसी विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण और नियमित रूप से एमडीएम बनवाने और वितरित कराने की जिम्मेेदारी संबंधित क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी की होती है। बीते कई दिनों से विद्यालय में एमडीएम नहीं बन रहा है, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अब तक एमडीम चालू कराया गया और न ही इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारी को दी गई। बीते 14 अप्रैल को जब अमर उजाला ने बीएसए से बात की तो उन्होंने उक्त मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से मामले की संपूर्ण जानकारी ली।
सड़े अनाज की नहीं हो सकी जांच
नगर के प्राथमिक विद्यालय संकट मोचन में आवंटित एमडीएम का दो क्विंटल अनाज खराब हो गया था। इसकी सूचना विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यपक ने खंड शिक्षा अधिकारी नगर को दी थी और खंड शिक्षा अधिकारी ने भी घटना की जानकारी बीएसए को दे दी थी। इस मामले को भी एक माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन विभागीय अधिकारी अब तक इस मामले की जांच नहीं कर पाए हैं कि आखिर बच्चों को वितरित करने वाला अनाज खराब कैसे हो गया। वर्तमान में जांच एमडीएम समन्वयक के पास फाइल में बंद होकर रह गई है।
मामले की जानकारी करने पर प्रधानाध्यापक व पार्षद के बीच कुछ आपसी विवाद व मनमुटाव सामने आया है। फिलहाल जो भी हो, लेकिन मामला बच्चों से जुड़ा हुआ है। इसलिए किसी तरह रास्ता निकालकर जल्द ही एमडीमए शुरू कराया जाएगा।
- संतोष राय
बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।