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मिट्टी में दबाई जा रही पाइपलाइन, जलापूर्ति होते ही फटने लगी

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पाली। नगर के वार्ड नंबर नौ और 10 के पांच हजार लोगों की प्यास बुझाने को बिछवाई जा रही पाइपलाइन विवादों में घिर गई है। नियमानुसार पाइप लाइन जमीन में एक मीटर गहराई करके बिछाई जानी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत पाइप लाइन को मिट्टी में दबाया जा रहा है, जो ऊपर से दिखाई दे रही है। पाइपलाइन में जलापूर्ति होते ही जगह-जगह फटने लगी है, जिससे सड़कों पर कीचड़ मचने लगा। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से नगरवासी व राहगीर परेशान हैं। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के जरिए होने वाली जलापूर्ति में पानी साफ नहीं आ रहा है।
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नगर के वार्ड 9 व 10 हजारिया क्षेत्र के करीब पांच हजार घरों को पाइप पेयजल योजना के जरिये जलापूर्ति उपलब्ध कराने की मंशा से जलनिगम द्वारा कार्य कराया जा रहा है। इसमें बिछवाई जा रही पाइपलाइन बिछते ही क्षतिग्रस्त होने लगी है। निकट भविष्य में इस पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से मोहल्लावासियों को परिणाम झेलने पड़ेंगे।
विद्युत खंभों से पाइपलाइन की दूरी का भी नहीं रखा ध्यान
जल निगम द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है। निर्माणाधीन पाइप लाइन का कार्य नगरवासियों को सहूलियत बनने की जगह सिरदर्द बन रहा है। पाइप लाइन बिछवाने के लिए सड़क काटकर नाली खुदवाई गई, जिससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप लाइन बिछवाने के लिए निर्धारित मानक के अनुरूप नाली की खोदाई नहीं कराई न ही विद्युत खंभों से पाइपलाइन की दूरी का ध्यान रखा गया, जिससे कई विद्युत खंभे कीचड़ में सने हुए हैं। इनके गिरने की आशंका है। पाइपलाइन बिछाने में कोई सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है, जिससे यह लाइन कितने दिन टिकेगी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
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यह है नियम
पाइप लाइन बिछवाने से पूर्व कच्ची नाली के बेस को कंक्रीट से पक्का कराया जाना चाहिए, ऐसी लाइन डालने में हर पाइप के नीचे सीमेंटेड बेस बनाया जाना चाहिए था। लेकिन, यहां न तो पाइपलाइन के लिए मानक के अनुरूप गहराई कराई जा रही और न ही बेस को पक्का कराया जा रहा है। पाइप लाइन सड़क के बीचों बीच खोदकर डाली जा रही है। मानक के अनुसार लाइन को एक मीटर की गहराई में डाला जाना था, लेकिन मौके पर एक फिट गहरी भी नहीं डाली गई है।
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बिना अनुमति के लिए खोदी जा रही सड़क
जलनिगम की ओर से पानी की पाइप लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन सड़क खोदने की अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में सड़कों को मनमाने तरीके से खोदा जा रहा और राजस्व का पैसा बरबाद किया जा रहा है। तीन मीटर गहरी पाइप लाइन खोदी जानी थी, लेकिन एक फुट खोदकर पाइप लाइन डाल दी गई।
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जलनिगम द्वारा पाइप लाइन डालने में बहुत लापरवाही व मनमानी की जा रही है। यह पाइप लाइन पूरी तरह डलने से पहले ही जगह- जगह लीक होने लगी है।
- नंदकिशोर चौरसिया, सभासद
पाइपलाइनों की गहराई एक फिट से भी कम है, जबकि एक मीटर होनी चाहिए। इसकी जांच कराई जाए। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
- प्रभा चौरसिया सभासद
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हमारे समय में सड़क डाली गई थी। करीब 18 साल हो गए हैं, तब से अभी तक सड़क सही थी, लेकिन पाइप लाइन डालकर सड़क को चारों तरफ से खोद कर रख दिया।
- मनोज कुमार, पूर्व चेयरमैन
गांधी चौक पर नवनिर्मित सीसी सड़क खोद दी गई। बिना अनुमति के सड़क खोदने पर नियमानुसार जुर्माना और एफआईआर कराई जाएगी।
- रामकुमार चौरसिया, अध्यक्ष नगर पंचायत पाली
लॉकडाउन के चलते कार्य में देरी हो रही है। मरम्मत के लिए कहा गया है। एक मीटर गहराई पर ही लाइन डाली जा रही है। इसकी जांच कराएंगे।
- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम
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