ललितपुर। शहर की जलापूर्ति को बाधित करने में पाइप लाइनों के लीकेज सबसे बड़ा कारण होते हैं। लीकेज से बह रहे पानी के कारण पाइप लाइनों में प्रेशर नहीं बन पाता है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मोहल्ला सिद्दनपुरा का है।
शहर के लोगों की प्यास बुझाने का जिम्मा जल संस्थान के कंधों पर है, लेकिन विभाग आपूर्ति को सुचारु रख पाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसकी वजह पाइप लाइनों के लीकेज हैं। मोहल्ला सिद्दनपुरा में ही लंबे समय से पाइप लाइन का लीकेज है। इससे आपूर्ति पर बुरा असर पड़ रहा है, साथ ही आसपास कीचड़ की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसके बाद भी विभागीय अफसर जानकर भी अनजान बने हुए हैं। ऐसे में समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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दैनिक कर्मियों का नहीं मिल रहा वेतन
शहर की पाइप लाइनों के लीकेज सुधारने से लेकर खराब हैंडपंपों की मरम्मत क काम दैनिक कर्मी करते हैं, लेकिन उन्हें काम करने के बाद भी वेतन समय से नहीं मिलता है। पिछले दो दिन से दैनिक वेतन कर्मियों ने वेतन के अभाव में काम करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में विभाग की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।
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शहर की जलापूर्ति सुधारने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे नाकाफी हैं। यही कारण है कि आपूर्ति में सुधार नहीं हो पा रहा है।- गोपाल सिंह
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शहर में पाइप लीकेज की बात हो या खराब हैंडपंप। दोनों ही मामलों में जल संस्थान फिसड्डी साबित हो रहा है, जिससे शहर के लोगों को शुद्घ पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।-
चंदन सिंह
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एक ओर कई लोगों को शुद्घ पेयजल नसीब नहीं हो रहा है। वहीं, रोजाना सैकड़ों लीटर पानी नालियों में फैलकर बर्बाद हो रहा है। विभाग को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।-परमाल सिंह
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वर्षों पुरानी पाइप लाइनें होने के कारण अक्सर उनमें लीकेज हो जाते हैं। इन पाइप लाइनों को बदलने की जरूरत है। शासन को ललितपुर पुनर्गठन योजना में पर्याप्त धन मुहैया कराना चाहिए, ताकि नई पाइप लाइनों को बिछाया जा सके।-मनोज कुमार
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जो उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ले रखे हैं, उनमें ही लीकेज मिल रहे हैं। बीते दिनों चार स्थानों के लीकेज सही कराए हैं। जहां से इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है।
राहुल कुमार
अवर अभियंता, जल संस्थान