कॉलोनी की महिलाओं ने बिजली विभाग में किया हंगामा
सुनवाई नहीं होने पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम बुढ़वार स्थित आसरा कॉलोनी की बिजली बीते तीन दिन से नहीं आने से कॉलोनी के लोगों ने बिजली विभाग पहुंचकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारियों ने तीन दिन पहले उनकी बिजली काट दी, जिससे काॅलोनी की पेयजलापूर्ति भी बाधित हो गई है। बिजली नहीं आने से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी परेशान हैं। कॉलोनीवासियों ने जिलाधिकारी व अधिशासी अभियंता से लाइन जुड़वाने की मांग की है।
नेहरूनगर स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र में स्थापित बुढ़वार फीडर के माध्यम से ग्राम बुढ़वार राेड पर स्थित आसरा कॉलोनी में बिजली आपूर्ति की जाती है। आसरा कॉलोनी में लगभग तीन सौ आवास हैं, जिनमें लगभग 150 लोगों के आवास तो स्वीकृत हैं, जो यहां निवास करते हैं। यहां कॉलोनीवासी बिजली का उपभोग भी कर रहे हैं, लेकिन तीन दिन से पूरी कॉलोनी की बिजली गुल चल रही है। विभागीय अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर कॉलोनी की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि 19 मई को दोपहर से बिजली नहीं आ रही है, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग सहित अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी से उनकी बिजली जोड़ने की मांग की है। इसके बाद महिलाएं इलाइट स्थित अधिशासी अभियंता द्वितीय के कार्यालय पहुंच गईं और यहां हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारी सुविधा शुल्क लेकर लाइन जोड़ देते हैं और जब सुविधा शुल्क नहीं मिलता है तो काट देते हैं। विद्युत कर्मचारियों ने कॉलोनी की महिलाओं से उनके आवास की रजिस्ट्री या कनेक्शन के कागजात मांगते हुए कहा कि जिनके बिल जमा हैं उनके कनेक्शन जोड़ दिए जाएंगे। हालांकि इस दौरान यहां अधिशासी अभियंता मौजूद नहीं थे, जिसके चलते महिलाएं कुछ देर तक हंगामा करने के बाद लौट गईं। ज्ञापन पर सना, ज्योति, भारती, पिंकी, ग्रीता, रेनू, ममता, सुप्रिया, फूलबाई, हेमा रजक, शारदा, मिथला आदि के हस्ताक्षर हैं।
बिजली नहीं आने से बाहर बैठे रहे कर्मचारी
आसरा कॉलोनी की महिलाएं दोपहर में जब इलाइट चौराहा स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचीं तो कार्यालय में भी बिजली नहीं आने से अंधेरा पसरा हुआ था। कार्यालय में पंखा, कूलर बंद होने से कर्मचारी कार्यालय से बाहर बैठे हुए थे, ताकि बाहर हवा मिलने से कुछ राहत मिल सके। हालांकि आधा घंटे में बिजली आ गई तो कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और काम शुरू किया।