मड़ावरा (ललितपुर)। थाना क्षेत्र के ग्राम चौका निवासी एक किसान ने बृहस्पतिवार की देर रात को करीब 12 बजे घर में फांसी लगा ली। परिजन उसे मड़ावरा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि ओलावृष्टि से मटर की फसल नष्ट हो गई थी, इसी वजह से वह परेशान था। इधर, बेटी की आंख खराब होने से वह और ज्यादा परेशान हो गया था।
थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम चौका निवासी हरप्रसाद (30) पुत्र जानकी कुशवाहा बृहस्पतिवार की रात को करीब 12 बजे घर में ही था। इसके परिजन वहां सो रहे थे। इसी दौरान उसने टिनशेड की लकड़ी पर रस्सी के फंदे से फांसी लगा ली। इसी दौरान उसकी पत्नी जाग गई और पति को फंदे पर लटकता देख परिजनों को आवाज लगाई, जिस पर परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और जीवित होने की आस में मड़ावरा अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी मिलने पर मड़ावरा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चाचा उत्तम ने बताया कि मृतक के दो बेटे व एक बेटी है। बेटी की एक आंख में कुछ खराबी आ गई, जिससे उसे ठीक से दिखाई नहीं देता है। इसके चलते हरप्रसाद कई दिनों से परेशान चल रहा था।
इसी दौरान ओलावृष्टि से उसकी मटर की फसल नष्ट हो गई। उसने चार एकड़ खेत में मटर बोयी थी। साथ ही इतनी ही जमीन ठेके पर लिए था, लेकिन बीते दिनों बारिश होने के कारण उसकी फसल खराब हो गई। इससे उसे और भी अधिक टेंशन हो गई थी। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर जान दे दी।