ललितपुर। कोतवाली महरौनी क्षेत्र के ग्राम सैदपुर निवासी किसान ने ओलावृष्टि व बारिश से फसल नष्ट होने से निराश होकर घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव बृहस्पतिवार की सुबह कमरे में लटका मिला। जानकारी मिलने पर महरौनी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता ने बताया कि ओलावृष्टि व बारिश से मटर की फसल नष्ट होने से वह तनाव में रहता था। इसी के चलते उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी पत्नी ने भी 18 महीने पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसे दोनों बेटे अब अनाथ हो गए हैं।
कोतवाली महरौनी क्षेत्र के ग्राम सैदपुर निवासी मक्खन (30) पुत्र गज्जूराम अहिरवार ने इस बार अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन में मटर की फसल बोई थी, लेकिन बीते दिनों हुई बारिश में उसकी फसल को नुकसान हुआ था, जिससे वह परेशान रहता था। बुधवार की रात को वह शराब के नशे में घर आया और अटारी में अपने कमरे में सोने चला गया। अगले दिन सुबह जब वह काफी देर तक नहीं उठा तो परिजनों ने उसके कमरे के दरवाजे खटखटाए और आवाज लगाई, लेकिन न तो उसने कोई जवाब दिया और न ही दरवाजे ही खोले, जिस पर परिजन शंका होने पर दरवाजे तोड़कर अंदर पहुंचे, जहां उन्होंने मक्खन का शव कुंडे पर रस्सी से लटका मिला। इस पर परिजनों ने सूचना महरौनी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुुंच गई और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता गज्जूराम अहिरवार ने बताया कि उसके बेटे ने अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन में मटर की फसल बोई थी, लेकिन बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि में फसल खराब हो गई थी, जिससे वह परेशान चल रहा था। उसके बेटे ने मरने से पहले बुधवार की शाम को गांव में भी कुछ लोगों से शराब के नशे में मटर की फसल खराब होने की बात कही थी। उसे आशंका है कि इसी वजह से उसके बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसके दो बेटे हैं और वह दो भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर का था।
पत्नी ने भी 18 महीने पहले फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
पता गज्जूराम ने बताया कि मक्खन की पत्नी ममता ने 18 महीने पहले पति से घरेलू कलह के चलते घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब माता-पिता की मौत के बाद उनके दोनों बेटों (सात व 10 वर्षीय) का भरण पोषण के दादा गज्जूराम ही करेगा।