ललितपुर। तेज धूप व उमस से त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का कहना है कि इंफ्रारेड बर्न, घमौरियों, फंगस इंफेक्शन, खुजली के मरीज इन दिनों अधिक आ रहे हैं। उन्होंने गर्मी से बचाव की सलाह दी है।
सुबह नौ बजे से ही धूप की तपिश बढ़ने लगती है। दोपहर तक तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण चलना तो दूर छाया में खड़े होने पर भी तपन महसूस हो रही है। पंखों से अब राहत नहीं मिल रही है। घरों में कूलर, एसी से बाहर निकलते ही लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। गर्मी व तल्ख धूप और शरीर से निकल रहे पसीने से त्वचा में समस्या हो रही है।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज में चर्म रोग विभाग की ओपीडी में दोपहर एक बजे तक 179 मरीज आ चुके थे। अधिकांश मरीज धूप, गर्मी और पसीने से होने वाली समस्याओं के थे। वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश सेठ ने बताया कि उमस भरी गर्मी में शरीर पर पसीना रुकने से त्वचा जल जाती है। खासकर पीठ, सीने और गले में यह समस्या ज्यादा आ रही है। इन स्थानों पर पपड़ी बनकर बाद में निकलती है। इस समस्या को इंफ्रारेड बर्न कहते हैं। ऐसी समस्या के प्रतिदिन 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, तेज धूप से चेहरा लाल होकर झुलस जाता है। ऐसे 15 से 20 मरीज रोजाना आ रहे हैं। पसीना से घमौरियों के 10-15 तो फंगल इंफेक्शन के 30-35 व दो से चार मरीज सेहुआं रोग के आ रहे हैं। अन्य समस्याओं में मुंहासे, बाल में रूसी और बाल गिरने के रोगी भी आ रहे हैं।
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इस तरह करें बचाव
- अधिक से अधिक पानी पिएं।
- सूती कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें।
- पसीना आने के बाद तत्काल कपड़े न बदलें।
- सूखे व ढीले कपड़े पहनें।
- रसदार फलों का सेवन करें।
- समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।