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पचौड़ा गांव : खस्ताहाल सड़क, पेयजल समस्या से जूझ रहे लोग

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हैंडपंप पर पानी लेने के लिए लगी भीड़ - फोटो : LALITPUR
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सिलावन (ललितपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावे तो किए जा रहे लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश गांवों की स्थिति बदतर है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। महरौनी ब्लॉक क्षेत्र के पचौड़ा गांव की तश्वीर विकास के दावों को आइना दिखा रही है। आठ माह से ग्राम सभा को फूटी कौड़ी नहीं मिली।
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महरौनी ब्लॉक कार्यालय से करीब छह किमी दूर महरौनी-नाराहट मार्ग पर स्थित तीन हजार की आबादी वाले पचौड़ा गांव में जर्जर सड़क से होकर जाना पड़ता है। गांव की गलियों के रास्ते कच्चे और उबड़-खाबड़ होने से गंदा पानी भरा रहता है। नाथ मोहल्ले में करीब चार सौ की आबादी के बीच चार हैंडपंप की जरूरत है लेकिन एक मात्र हैंडपंप लगा होने से नाथ समुदाय को पीने के पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती हैं।
गांव से अपने खेत की ओर जाने के लिए भी ग्रामीणों को कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीण सड़क बनवाने की मांग कर रहे हैं। तीन हजार की आबादी वाली ग्रामसभा में समस्याओं का अंबार है। उधर, पूर्व प्रधान बलदेव पाल का कहना है कि गांव की आबादी कम होने के कारण बजट भी कम आता हैं जितना भी आया उससे सीसी रोड व नालियों का निर्माण कराया। अभी भी कई मोहल्लों में रास्ता कच्चे हैं। गांव में मौजूदा समय में 22 हैंडपंप लगे हुए हैं।
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आवास के लिए भटक रहे पात्र
ग्राम सभा में कई पात्र शौचालय और आवास के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया लेकिन सफाई नहीं होने से ग्रामीण उसमें जाने से कतराते हैं। गांव के सुरेंद्र नाथ, वीर सिंह, तारा देवी आवास दिलाए जाने की मांग कर रहे। उनका कहना हैं कि इसके लिए जनप्रतिनिधि से लेकर विभागीय अधिकारियों से भी मांग की किंतु कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि यहां सचिवालय काफी व्यवस्थित है।
सूखा तालाब खोल रहा सौंदर्यीकरण की पोल
तालाब के गहरे व सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपया खर्च कर दिया गया पर नतीजा सिफर रहा। ग्रामीण बताते हैं कि तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए कई योजनाओं से धन का आवंटन किया गया बावजूद इसके तालाब की स्थिति बदहाल ही बनी हुई हैं। आज तालाब सूखा पड़ा योजना की हकीकत बताने के लिए काफी है।
नाथ मोहल्ला में चार सौ की आबादी पर चार हैंडपंप होने चाहिए लेकिन एक हैंडपंप लगा हुआ हैं, जिस वजह से पूरा समय पानी भरने में ही निकल जाता है। साथी ही पानी के लिए विवाद का सामना भी करना पड़ता है। विनीता
गांव में विकास नाम की कोई चीज नहीं है। यहां कई वर्ष पूर्व गांव के प्रवेश मार्ग का डामरीकरण हुआ था जो कुछ ही दिन में उखड़ गया था आज तक जस की तस स्थिति में है। आंतरिक रास्ते भी कच्चे बने हुए हैं। अशोक तिवारी
गांव का मुख्य मार्ग पिछले दस वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में हैं इसके अलावा कई मोहल्ले में पक्के रास्ते और नालियों का अभाव हैं। जिसके चलते परेशानी हो रही हैं। इसे बनवाया जाना चाहिए। सूरज
पिछले आठ माह से गांव के विकास के लिए कोई बजट नहीं आया हैं जैसे ही बजट आएगा वैसे ही गांव के आंतरिक मार्गों को पक्का कराने का काम शुरू करेंगे साथ ही नाली निर्माण व हैंडपंप स्थापित करने का काम किया जाएगा। पूजा देवी, ग्राम प्रधान
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