ललितपुर। मंडलीय विद्युत अधिकारियों की बैठक में जिले में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत किए पंजीकरण मंडल में सबसे अधिक चार हजार पाए गए, लेकिन बकायेदारी काफी कम वसूली जा रही है। इसको लेकर अफसरों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
झांसी में मंडलीय विद्युत कार्यालय में जिले के विद्युत अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारियों व अवर अभियंताओं के साथ विद्युत राजस्व संबंधी बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्य अभियंता पीके जैन और अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप संयोजन व घरेलू संयोजन वाले उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना की प्रगति जानी। लेकिन, अभियंताओं द्वारा दिखाई गई प्रगति रिपोर्ट पर उन्होंने नाराजी व्यक्त की। मार्च माह के अंत तक ओटीएस का पर्याप्त प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को योजना का लाभ देकर अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए।
हालांकि, जोन में ललितपुर की ओटीएस की प्रगति अधिक पाई गई, जिस पर जनपद के अधिकारियों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली। समीक्षा बैठक में साफ नजर आया कि आपदा प्रभावित किसान उपभोक्ता फसल आने से पूर्व ओटीएस लागू होने के बाद भी बचता ही नजर आ रहा है। यह बात विद्युत अधिकारियों द्वारा मंडलीय पटल पर रखी गई कि ओटीएस होने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों के किसान उपभोक्ता घरेलू व नलकूप दोनों प्रकार के संयोजनों का बकाया अदा करना नहीं चाह रहे है। ओटीएस का लाभ तो विभाग द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है, लेकिन फसल आने से पूर्व किसानों के लिए ओटीएस का कोई मायने नहीं रह जाता है।
ऐसे में फसल आने के बाद ही किसानों के ओटीएस अधिक से अधिक कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जनपद में अब तक ओटीएस कराए जाने की जो रिपोर्ट दर्शाई जा रही है। उसके अनुसार अब तक उपखंड अधिकारी द्वितीय प्रेमचंद के तहत 1,600, उपखंड अधिकारी तृतीय के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1,450 और उपखंड अधिकारी चतुर्थ तालबेहट के अंतर्गत अब तक लगभग 900 ओटीएस के ही पंजीकरण कराते हुए लगभग चालीस लाख रुपये राजस्व वसूला जा सका है। वहीं, उन्होंने कॉमर्शियल और पावर संयोजनों पर एक लाख रुपये से अधिक के बकाएदारों से सख्ती के साथ राजस्व वसूलने की भी समीक्षा की। यदि मार्च माह में विद्युत विभाग के लक्ष्य की बात करें तो 13 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक करीब तीन करोड़ रुपये बकाया वसूला जा सका है। बैठक में विद्युत अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह, उपखंड अधिकारी अखिलेश कुमार वर्मा, प्रेमचंद, अरविंद गौतम, महेश विश्वकर्मा, अवर अभियंताओं में पंकज मौर्य, जितेंद्र चौरसिया, रमेश कुशवाहा, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।