- बैंक के चेक गुम होने पर उपभोक्ता फोरम ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक को सिंचाई विभाग के इंजीनियर का चेक गुम होने पर दूसरे चेक से 83,044 रुपये की राशि सात फीसदी ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मोहल्ला आजादपुरा निवासी गोविंददास राजपूत ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत में एक प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उन्होंने झांसी में सिंचाई विभाग में तैनाती के दौरान अपने वेतन की जमा निकासी के लिए खाता खुलवाया था, जो सेवानिवृत्ति के समय तक विधिवत संचालित होता रहा। उसे छठे वेतन आयोग के अधीन वेतन वृद्धि की धनराशि 83,044 रुपये प्राप्त हुआ था। जिसके लिए राजघाट निर्माण खंड के आहरण एवं वितरण अधिकारी/अधिशासी अभियंता ने उपरांत धनराशि एरियर के रूप में 10 जनवरी 2012 को ट्रेजरी से चेक के माध्यम से दिया था। जिसे उसने पंजाब नेशनल बैंक में 19 जनवरी 2012 को जमा कराया था। उक्त चेक के साथ टिप्पणी की गई थी कि यह चेक इस आशय से प्रेषित है कि चेक की धनराशि प्राप्ति उपरांत नियमानुसार अधिकारियों, कर्मचारियों के बचत खाता में जमा कराते हुए भुगतान करें। इसके बाद भी उसके खाते में उक्त धनराशि जमा नहीं हुई। इस पर वह मई 2012 में बैंक में गया और भुगतान न होने के बारे में जानकारी ली तो बैंक के कर्मचारियों ने चेक की खोजबीन कराई, तो उक्त चेक बैंक में रखा मिला, जिसे लापरवाही के चलते क्लीयर कराने के लिए स्टेट बैंक में नहीं भेजा गया। इसके बाद भी उसके खाते में धनराशि नहीं पहुंचे, बीमार होने के कारण एक साल बाद उसने बैंक में जाकर दूसरा चेक निर्गत कराने को अनुरोध किया, लेकिन हीलाहवाली करते रहे, लेकिन उसे धनराशि नहीं मिली। जिस पर उसने नोटिस देने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अदालत में परिवाद दायर किया। जिस पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओमप्रकाश विश्वकर्मा और रफिया खातून की अदालत ने सुनवाई करते हुए राजघाट निर्माण खंड के आहरण अधिकारी को सेवानिवृत्त अभियंता को उक्त धनराशि 83,044 रुपये का दूसरा चेक निर्गत करने और बैंक को 45 दिन के अंदर सात फीसदी ब्याज दर से भुगतान करने के आदेश दिए।