ललितपुर। जनपद में हुई झमाझम बारिश से सभी बांध लबालब हो गए हैं। बृहस्पतिवार को जिले के गोविंद सागर समेत आठ बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। बांध से पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों के गांवों में अलर्ट घोषित किया गया था।
14 अगस्त की रात को जनपद में झमाझम बारिश हुई। इससे नदियां उफान मारकर बहने लगीं। बांधों का भी जलस्तर बढ़ने लगा। बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर निर्धारित करने के लिए बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। गोविंद सागर बांध के 16 गेट खोलकर 11500 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इससे मवेशी बाजार स्थित शहजाद नदी पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। एहतियात के तौर पर नदी पुल के दोनों ओर पुलिस सुरक्षा लगाई गई। वहीं, शहजाद नदी के किनारे स्थित नदीपुरा, रावतयाना में अलर्ट घोषित किया गया। राजघाट बांध के गेट खोलकर 85 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। उटारी बांध के पांच गेट खोलकर 1550 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सजनाम बांध के चार गेट खोलकर 13000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शहजाद बांध के तीन गेट खोलकर 12015 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। भावनी बांध के सात गेट खोलकर 14249 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। माताटीला बांध से 79064 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जामनी बांध के दो गेट खोलकर 1992 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांधों के गेट खोले जाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने निचले क्षेत्र के नदी किनारे वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया और नदी किनारे लोगों, मवेशियों या अन्य जानवरों को न जाने देने का एनाउंस कराया। बांधों का जलस्तर निर्धारित होने के बाद कुछ बांधों के गेट बंद कर दिए। जबकि, शुक्रवार की सुबह राजघाट, माताटीला, शहजाद के गेट खुले रहे।
बुधवार को जिले में हुई बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ गई। इससे निर्धारित जलस्तर बढ़ने लगा। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया गया था। - इंजी. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड।