जिला बार एसोसिएशन ने पत्र जारी कर दी चेतावनी - मुंशी और स्टाफ के लोग काले कोट पहनकर न आए कचहरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कोर्ट परिसर में काला कोट पहनकर सिर्फ पंजीकृत अधिवक्ता ही बैठ सकेंगे। इसके अतिरिक्त कोई व्यक्ति कचहरी परिसर में काला कोट पहनकर बैठता है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। यह चेतावनी जिला बार एसोसिएशन ने एक पत्र जारी कर दी है। कहा है कि अधिवक्ता के मुंशी या अन्य कोई व्यक्ति काला कोट पहनकर कचहरी परिसर में नहीं बैठेगा।
जिला बार एसोसिऐशन के अध्यक्ष हरीराम राजपूत व महामंत्री संतोष सिंह यादव ने एक पत्र जारी कर कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जनपद में पंजीकृत अधिवक्ताओं के क्लर्क/मुंशी के नए परिचय पत्र जारी हो चुके हैं। इसके अनुपालन में अधिवक्ताओं को सूचित किया गया है कि जनपद न्यायालय से ऐसे अधिवक्ता जिनके सीओपी नंबर निर्गत हो चुके हैं, वो ही प्रैक्टिस करने के लिए अधिकृत हैं। उन्होंने बताया कि यह भी बताया कि संज्ञान में आया है कि कई मुंशी, अधिवक्ता के स्टाफ और ऐसे कई व्यक्ति जो अधिवक्ता नहीं है काला कोट पहनकर अपना बस्ता डाले हुए हैं।
कई व्यक्ति अधिवक्ता की वेशभूषा में कचहरी में नजर आते हैं जिनका पंजीकरण नहीं है। आम जनता उन्हें अधिवक्ता समझती है और धोखाधड़ी होती है। इससे अधिवक्ता व वादकारियों में अधिकांश वाद विवाद होता रहता। अधिवक्ता की वेशभूषा में न्यायालय परिसर बैठना अपराध है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि पंजीकृत अधिवक्ता के अलावा मुंशी, स्टाफ या अन्य कोई व्यक्ति वकील की वेशभूषा में कचहरी परिसर में बैठा मिलेगा तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।