अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। देवगढ़ में आयोजित कवि सम्मेलन में कवयित्री अनामिका अंबर ने रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने पंक्तियां सुनाईं भरी झोली सदा मेरी, मिला सौभाग्य से ज्यादा, सुनहरे दिन से ज्यादा है सुहानी रात से ज्यादा। उन्होंने अयोध्या में भगवान राम पर पंक्तियां सुनाईं, आज अवध के सिंहासन पर राजा बनकर बैठे राम, राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पे... पर श्रोता जमकर झूमे। समापन पर उन्होंने बड़े बाबा की आरती उतारकर जयकारे लगाए। कवि सम्मेलन में अन्य कवियों ने भी रचनाएं सुनाईं।
देवगढ़ मेला ग्राउंड में मुक्त आकाशीय मंच ने अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया था। अनामिका अंबर के साथ प्रसिद्ध गजलकार सूरज रॉय सूरज, बुंदेली के सिरमौर देवदत्त द्विवेदी, गजल के सिद्ध हस्त शिल्पी राजकुमार राज, खुद को राम की शबरी मानने वाली उर्वशी अग्रवाल, हास्य हंगामा के नाम से विख्यात हरनाथ चौहान और पहाड़ी कोयल के नाम से विख्यात ऋतु सिंह मौजूद रहीं। कवियों ने अपने काव्यपाठ से बुंदेली इतिहास का अनूठा वर्णन किया। इस अवसर पर देवगढ़ मैनेजिंग कमेटी, उप्र साहित्य सभा, सोसाइटी फॉर आइडियल ग्लोबल नीड्स, स्व.मुरारी लाल जैन आदिवासी जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों के अलावा, अनिल मिश्र, पंकज चतुर्वेदी, स्वाति सनोढिया, नीतेश नैश, राजेश सोनी शीतल राघव, प्रदीप चौबे, उत्तम सिंह चौहान मौजूद रहे। संजीव जैन एवं अध्यक्ष अनिल अंचल ने सभी साहित्यकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
अपनी कविताओं को आज महातीर्थ कराया: अनामिका अंबर
ललितपुर। राष्ट्रीय कवि अनामिका अंबर ने कहा कि देवगढ़ की पावन भूमि पर आकर काव्यपाठ करने का सौभाग्य मिला। देवगढ़ की पावन भूमि जैनियों का महातीर्थ है, इस पावन भूमि पर हजारों प्रतिमाएं खुदाई में निकली हैं। इस पावन भूमि पर अपनी कविताओं को महातीर्थ करा दिया। वह रविवार को देवगढ़ में आयोजित कवि सम्मेलन के मौके पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि देश के कई शहरों में जाने का सौभाग्य मिला, लेकिन अपनी बुंदेलखंड की माटी में जो स्नेह है, उसे नहीं भुला सकते। उन्होंने कहा कि जैसे कोई बच्चा अपने घर आकर खुश होता है, आज वह उसी तरह खुश हैं।