ललितपुर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडरकर के जन्म दिवस पर कौमी एकता के प्रतीक साहित्यिक संस्था हिंदू उर्दू, अदबी, संगम के बैनर तले सोमवार को कवि सम्मेलन एवं मुशाायरा का आयोजन किया गया। जिसमें संस्था के अध्यक्ष रामकृष्ण कुशवाहा ने अपनी पंक्तियां पेश की‘वतन परस्त वो हो नहीं सकता जिसे मोहब्बत नहीं हिंदुस्तान से, देश फतमों से नहीं चलता है ये चलता है संविधान से’...।
इसके साथ ही रामस्वरूप नामदेव अनुरागी, राधेश्याम ताम्रकार, कन्हैयालाल यादव, काका ललितपुरी, किशन सिंह बंजारा ने कविताएं सुनाईं। इस मौके पर रामप्रकाश शर्मा, गौरव ताम्रकार, बृजेश श्रीवास्तव, अरविंद मधुर, त्रिवेणी देवी, कृतिका नामदेव, सृष्टि नामदेव, राजाराम खटीक, मनीष कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।