ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खंडों की जा रही समीक्षा में मनरेगा की स्थिति ठीक नहीं पाई जा रही है। कई रोजगार सेवक बैठकों से कन्नी काट रहे हैं। ब्लाक जखौरा की बैठक में पांच रोजगार सेवक अनुपस्थित रहे। सीडीओ ने उनका एक दिवस का मानदेय काटने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडे ने मनरेगा के कार्यों में तेजी लाने के मकसद से मनरेगा की समीक्षा ब्लाकवार प्रारंभ कर दी है। इससे रोजगार सेवक व तकनीकी सहायकों के लिए परेशानी बढ़ गई। विशेषकर लापरवाह मनरेगाकर्मी समीक्षा बैठक में शामिल होने से बच रहे हैं। गत दिवस ब्लाक जखौरा की समीक्षा की गई। इसमें ग्राम रोजगार सेवक सालिगराम देर से पहुंचे। वहीं, रोजगार सेवक किशोरी लाल, रामनिवास, राजेश कुमार, चंद्रपाल, राजू अनुपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत वार समीक्षा में पाया कि 19 ग्राम पंचायतों में मानव दिवस सृजन की स्थिति खराब है। ग्राम रोजगार सेवक ललितपुर ग्रामीण सुनील कुमार रोजगार नहीं दिए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उदासीन कर्मियों को तीन बार नोटिस देकर उनके अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने फरवरी तक माह के लक्ष्य पूर्ण करने एवं 15 मार्च तक वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इनकी प्रगति रही खराब
ग्राम पंचायत चौसा में 27.05 प्रतिशत, किसलवास में 31.55 प्रतिशत, ललितपुर ग्रामीण में 33.03 प्रतिशत, जिजयावन में 34.72 प्रतिशत, जामुनधानाखुर्द में 36.48 प्रतिशत, मसौराखुर्द में 37.16 प्रतिशत, रोंड़ा में
38.33 प्रतिशत, अंधेर में 40.04 प्रतिशत, घटवार में 40.15 प्रतिशत, पनारी में 41.17 प्रतिशत, गुरसौरा में 43.51 प्रतिशत, जैरवारा में 48.80 प्रतिशत,मिर्चवारा में 50.95 प्रतिशत, महर्रा में 55.15 प्रतिशत, बांसी में 56.41 प्रतिशत, मनगुवां में 57.12 प्रतिशत, जखौरा में57.85 प्रतिशत, नदनवारा में 60.08 प्रतिशत और कालापहाड़ में 60.32 प्रतिशत प्रगति रही।
11 रोजगार सेवकों का अनुबंध खतरे में
ब्लाक के 11 ग्राम पंचायतों के रोजगारसेवकों का अनुबंध समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि उदासीन रोजगारसेवकों को मानदेय नहीं दिया जाएं और उनके अनुबंध समाप्त कर दिए जाएं। यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि समय से लक्ष्य पूर्ण नहीं होते तो तकनीकी सहायकों एवं ग्राम रोजगार सेवकों का अनुबंध समाप्त कर दिया जाएं।