संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन। ग्राम पिपरई लक्ष्मणगढ़ मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक विनिता शास्त्री ने कहा कि कलयुग में भागवत भागवान की महिमा व संकीर्तन के महत्व का उल्लेख किया गया है। इसके उपरांत भागवत भक्त गोकर्ण व उसके भाई अधर्मी धुंधकारी के प्रसंग पर व्याख्यान दिया। धुंधकारी के गलत कार्यों में संलिप्त होने के कारण उसका वध कर दिया गया था और अकाल मृत्यु होने के कारण वह प्रेत योनि में चला गया।
भाई गोकर्ण ने प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने के लिए सूर्य भगवान के बताए सूत्र पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया। भाई धुंधकारी को कथा सुनाई, जिसके श्रवण से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली। इससे स्पष्ट होता है कर्म, धर्म मनुष्य को संयमित और वेद रीति नीति से करना चाहिए। साथ ही भाई से रंजिश नहीं रखना चाहिए, क्योंकि आखिर में भाई ही भाई के काम आता है। संवाद