ललितपुर। झांसीपुर मुहल्ले में तीन दिन पहले दो पक्षों के संघर्ष में घायल हुए युवक की इलाज के दौरान ग्वालियर में मौत हो गई। शनिवार की शाम जब उसका शव घर पहुंचा, तो परिवार व मुहल्ले की महिलाओं समेत अन्य लोगों ने जेल चौराहे पर जाम लगा दिया।
शनिवार को महिलाएं आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करती हुई झांसी रोड पर बैठ गई। सूचना मिलने पर एसपी मो. इमरान ने अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को मौके पर भेजा। एएसपी सुधा सिंह ने परिजनों व जाम लगाए लोगों से बात की और मांग को पूरी करने का आश्वासन दिया। इस पर जाम खोल दिया गया। बता दें कि बुधवार की रात कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला झांसीपुरा में दो परिवार आपस में भिड़ गए थे।
झांसीपुरा निवासी पंकज ने पुलिस को बताया था कि वह अपने घर पर था। तभी मुहल्ले के ही देवेंद्र, सूरज, रिक्की, नीरज ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। इस हमले में पुलिस ने चारों पर जानलेवा हमले का प्रयास व रंगदारी का मामला दर्ज किया था।
हमले में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे झांसी रेफर कर दिया गया। झांसी में भी हालत में सुधार न होने पर परिजन मनोज को ग्वालियर ले गए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
एंबुलेंस से शनिवार शाम जब उसका शव घर पहुंचा, तो मुहल्ले में रोष फैल गया। शव सहित एंबुलेंस को झांसी रोड पर खड़ी करके जाम लगा दिया। हंगामे की सूचना पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एएसपी के प्रयासों के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। देर शाम मनोज का अंतिम संस्कार पुलिस की देखरेख में करा दिया गया।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से बढ़ा मामला
झांसीपुरा मुहल्ले में लंबे समय से मनोज व देवेंद्र के परिवार में विवाद चल रहा है। बुधवार की घटना के पहले भी कई बार दोनों पक्षों में विवाद हो चुका था। हर बार विवाद में हस्तक्षेप के कारण पुलिस कड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई, जिसका नतीजा एक युवक की हत्या के रुप में सामने आया है।
मदद का दिया भरोसा
जाम लगाए मनोज के परिवार की महिलाओं ने अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग, जिनके दबाव में हर विवाद को निपटा दिया जाता रहा। अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने गुस्साई महिलाओं की पूरी बात सुनी और हर दोषी पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने मृतक के परिजनों को जिलाधिकारी स्तर से आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।