दिल्ली के लिए रवाना होते शंकराचार्य ओमकारानंद महाराज
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डोंगराखुर्द (ललितपुर) कस्बा पाली में आयोजित पांच दिवसीय शिव महिमा महोत्सव के बाद शनिवार को देर रात तक भंडारा चलता रहा। श्रद्धालुओं ने प्रयाग पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ओमकारानंद सरस्वती महाराज को विदाई दी। तुवन मंदिर पर पूजन अर्चन और आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वह ट्रेन से रवाना हो गए।
स्वामी ओमकारानंद सरस्वती महाराज जब पाली से निकले तो श्रद्धालुओं ने करीब दो किलोमीटर तक पदयात्रा कर उन्हें रवाना किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि जब संत मिलते हैं तो उनका मिलना बड़ा सुख देता है और जब संत बिछड़ता है तो असहनीय दुख होता है। इससे पहले पिंकू साहू ने पवित्र चरण पादुका का पूजन किया। साथ ही कृष्ण सखा उद्धव महाराज, आचार्य महेंद्र शास्त्री, प्रमेंद्र त्रिपाठी समेत कई धर्माचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। पादुका पूजन के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य ओमकारानंद महाराज से दर्जनों लोगों ने दीक्षा ली।
भक्तों ने सनातन धर्मगुरु के ऊपर पुष्पवर्षा कर गाजे बाजे के साथ भव्य स्वागत कर विदाई दी। इस अवसर विशाल भंडारा हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान नीलकंठेश्वर का प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तुवन मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से पूजन अर्चन व हनुमान जी महराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर तुवन महंत रामलखन दास महाराज, कृष्ण सखा उद्धव महाराज, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, अक्षय अलया, सुरेश बाबू जैन, सोनू चौबे, नीरज चतुर्वेदी, अनुज दीक्षित, महेंद्र आचार्य, भूप्रताप सिंह, रामनारायण तिवारी, पिंकू साहू, अखिलेश यादव आदि मौजूद रहे।